'दो भारत' वाले बयान पर घिरे राहुल गांधी, BJP सांसद ने भेजा विशेषाधिकार हनन का नोटिस, नटवर सिंह भी बोले 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 3, 2022, 02:26 PM IST

Rahul Gandhi : बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए वायनाड के सांसद ने कहा कि सरकार की नीतियों ने देश में 'दो भारत, एक अमीर और दूसरा गरीब' का निर्माण किया है।

नई दिल्ली : लोकसभा में बुधवार को देश में 'दो भारत' वाले राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। भाजपा सांसद का आरोप है कि इस तरह का बयान देकर राहुल गांधी ने लोगों 'भड़काने' की कोशिश की। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को लिखे पत्र में भाजपा सांसद ने आरोप लगाया है कि 'दो भारत' वाले राहुल के बयान को 'सदन की अवमानना' की श्रेणी में रखा जाना चाहिए। दुबे का कहना है कि लोकसभा में बुधवार को राहुल गांधी ने 'असंसदीय भाषा' का इस्तेमाल किया।   

देश में 'दो भारत' के बयान पर घिरे राहुल 
बता दें कि बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए वायनाड के सांसद ने कहा कि सरकार की नीतियों ने देश में 'दो भारत, एक अमीर और दूसरा गरीब' का निर्माण किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की जो प्रमुख समस्या हैं उसे अभिभाषण में शामिल नहीं किया गया। राहुल के इस बयान पर भाजपा हमलावर है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल को 'बुद्धिहीन' करार दिया। राहुल ने यह भी कहा कि पीएम की गलत नीतियों की वजह से चीन और पाकिस्तान करीब आए। 

नटवर सिंह ने राहुल के बयान को गलत बताया 
राहुल के इस बयान पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है। सिंह ने कहा है कि चीन और पाकिस्तान की करीबी 1960 के दशक से है। राहुल के बयान का कोई औचित्य नहीं है। पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि नेहरू के समय से ही चीन और पाकिस्तान करीब हैं। देश की विदेश नीति खराब नहीं है। सिंह ने चीन-पाकिस्तान पर राहुल के बयान को गलत बताया है। नटवर सिंह ने कहा कि वह खुश हैं कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राहुल को जवाब दिया। 

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हम राहुल के बयान का समर्थन नहीं करते-अमेरिका
चीन-पाकिस्तान की करीबी वाले बयान पर अमेरिका ने भी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा है कि वह राहुल के इस बयान का समर्थन नहीं करते।  

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