Bengaluru Riots:'मेरे घर को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि मैंने PM मोदी का समर्थन किया और दीए जलाए'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 19, 2020, 07:48 AM IST

Bengaluru Violence: बेंगलुरु में हुई हिंसा के दौरान पीड़ित एक शख्स ने कहा है कि उसके घर को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने अप्रैल में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान पीएम मोदी की अपील का समर्थन किया था।

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में दो महीने पहले यानि 11 अगस्त को भड़की हिंसा में ज्यों-ज्यों जांच आगे बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे नए खुलासे भी हो रहे हैं। इस बीच हिंसा पीड़ित एक एक शख्स ने दावा किया है कि उसके घर को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उसने पीएम मोदी का समर्थन किया था और अप्रैल माह के दौरान कोविड 19 को लेकर की गई पीएम की अपील पर दीए जलाए थे।

पीड़ित ने बताया पूरा वाकया
टाइम्स नाउ ने बात करते हुए पीड़ित शख्स ने कहा कि पहले दंगाइयों ने मेरे घर में लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया फिर मेरे घर पर हमला किया। भीड़ ने घर के बाहर खड़ी दो बाइक को जला दिया। जब टाइम्स नाउ ने पीड़ित से पूछा कि उन्हें क्यों निशाना बनाय गया? तो पीड़ित ने कहा, 'इस एरिया के एक भी घर ने दीया जलाने की पीएम की अपील में भाग नहीं लिया था। मैंने इसे लेकर उनसे सवाल किए। उन्होंने इसे लेकर उल्टा ही मेरे खिलाफ केस दर्ज कर दिया। मुझे लगता है कि उन्होंने इस बारे में किसी को बताया था इसलिए मेरे घर को निशाना बनाया गया।'

फेसबुक पोस्ट के 3 घंटे के भीतर दंगे भड़क उठे
केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) के अनुसार, सोशल मीडिया पर डाले गए अपमानजनक संदेश के तीन घंटे से भी कम समय में दंगे भड़क उठे थे। केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीपी) के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) कुलदीप जैन ने आईएएनएस को बताया, 'नवीन ने अपमानजनक संदेश को अपनी फेसबुक वॉल पर करीब शाम 6 बजे के आसपास पोस्ट किया और रात 9 बजे तक दंगे भड़क उठे।' 

कांग्रेस विधायक के भतीजे ने किया था पोस्ट
दरअसल 11 अगस्त को, कांग्रेस के विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे ने कथित रूप से फेसबुक पर अपमानजनक पोस्ट किया जिसमें पैगंबर मोहम्मद को निशाना बनाया गया। पोस्ट वायरल होते ही लोग आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विधायक के आवास के सामने इकट्ठा होने लगे। मूर्ति के भतीजे नवीन ने शुरू में दावा किया था कि उनका फेसबुक अकाउंट हैक कर लिया गया था लेकिन बाद में स्वीकार किया कि उसने ही अपमानजनक संदेश पोस्ट किया था।

दंगाइयों ने इस्लामिक नारे लगाए
मूर्ति ने दावा किया था कि दंगाइयों ने इस्लामिक नारे लगाते हुए लाठी, डंडे और पेट्रोल बम से लैस 4,000 से अधिक लोगों ने उनके 50 साल पुराने पैतृक घर में आग लगा दी। दंगाइयों ने एक पुलिस बस सहित 300 वाहनों को जला दिया और डीजे हॉल पुलिस स्टेशन के सामने खड़े एक डीसीपी के वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

हो रही हैं गिरफ्तारियां
पिछले महीने कर्नाटक के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता केजे जॉर्ज के करीबी सहयोगी को गिरफ्तार किया गया था। पाशा नागवारा वार्ड से बीबीएमपी कॉर्पोरेटर इरशाद बेगम के पति हैं। इन दंगों में एसडीपीआई के सदस्य भी शामिल थे और उपद्रवियों को उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसी वजह से इलाके में व्यापक आगजनी और दंगा हुआ था।

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