देश

V. D. Satheesan: छात्र राजनीति से CM कुर्सी तक, वीडी सतीशन के जमीनी कार्यकर्ता से सत्ता तक का सफर

कांग्रेस नेता वीडी सतीशन (V. D. Satheesan) केरल (Kerala) के नए मुख्यमंत्री होंगे। एक आम कार्यकर्ता से सीएम की कुर्सी तक पहुंचने का उनका सियासी सफर संघर्षों से भरा रहा है।

Image

वी डी सतीशन का राजनीतिक कैरियर

केरल (Kerala) के नए मुख्यमंत्री के रूप में कांग्रेस ने वीडी सतीशन (V. D. Satheesan) के नाम पर मुहर लगाई है। वीडी सतीशन का यहां मुकाबल दो और कांग्रेस के धाकड़ नेता था, जिसमें एक तो राहुल गांधी के खास के.सी.वेणुगोपाल थे। एक और नाम जो सीएम की रेस में था वो थे- वरिष्ठ पार्टी नेता रमेश चेन्निथला। लेकिन सतीशन ने सबको चौंकाते हुए केरल सीएम पोस्ट पर बाजी मार ली। सतीशन की पहचान एक आम कार्यकर्ता से लेकर विपक्ष के नेता के रूप में रही है। यही उनके लिए प्लस प्वाइंट रहा।

कैसा रहा है सतीशन का राजनीतिक सफर?

सतीशन का राजनीतिक सफर दिल्ली हाईकमान की नजदीकियों से नहीं, बल्कि संगठनात्मक मेहनत, विधानसभा में सक्रियता और लंबे संघर्ष से बना है। पेशे से वकील रहे सतीशन को केरल विधानसभा में कांग्रेस के सबसे प्रभावी वक्ताओं में गिना जाता है। छात्र राजनीति से अपने कैरियर की शुरुआत करने वाले सतीशन पहली बार 2001 में परावुर सीट से विधायक बने। तब से वो यहां से लगातार चुनाव जीतते रहे हैं।

पहला चुनाव और सतीशन को मिली हार

1986-1987 के दौरान सतीशान महात्मा गांधी विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष चुने गए थे। उन्होंने राष्ट्रीय छात्र संघ के सचिव के रूप में भी कार्य किया है। वी. डी. सतीशन ने 1996 में राजनीतिक क्षेत्र में पदार्पण किया, जब वे केरल विधानसभा चुनाव में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के उम्मीदवार पी. राजू से परवूर से हार गए, जो कम्युनिस्टों का गढ़ था।

ओमन चांडी से मिला मार्गदर्शन

सतीशन लंबे समय तक ओमन चांडी और रमेश चेन्निथला जैसे बड़े नेताओं की छाया में रहे। उनसे राजनीति सीखी, जनता से कनेक्ट होना सीखा। जमीन पर संघर्ष और साफ छवि ने उन्हें धीरे-धीरे राज्य का प्रमुख नेता बना दिया।

2021 में बने विपक्ष के नेता

2021 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत UDF की हार के बाद उन्हें विपक्ष का नेता बनाया गया। विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने पी विजयन सरकार को भ्रष्टाचार, वित्तीय मुद्दों और कानून-व्यवस्था के मामलों पर लगातार घेरा। गोल्ड स्मगलिंग विवाद समेत कई मुद्दों पर वे LDF सरकार के सबसे मुखर आलोचक बनकर उभरे। 2026 चुनाव अभियान तक आते-आते सतीशन UDF के सबसे बड़े चेहरे बन चुके थे।

2026 का चुनाव और जीत का सबसे बड़ा चेहरा

UDF ने 2026 चुनाव में शानदार जीत हासिल करते हुए 10 साल पुरानी लेफ्ट सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सहयोगी दलों का मानना था कि इस जीत का सबसे बड़ा चेहरा सतीशन ही थे, इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। Indian Union Muslim League (IUML) ने भी खुलकर सतीशन का समर्थन किया। IUML नेताओं ने सार्वजनिक रूप से उनके पक्ष में बयान दिए। आखिरकार पार्टी नेतृत्व ने माना कि इतनी बड़ी जीत के बाद सतीशन को नजरअंदाज करना राजनीतिक रूप से ज्यादा नुकसानदेह होगा।

सतीशन के सामने चुनौतियां

अब मुख्यमंत्री बनने के बाद सतीशन के सामने सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष की राजनीति से शासन चलाने की राजनीति में बदलाव की होगी। आलोचक कहते हैं कि उन्होंने कभी मंत्री पद नहीं संभाला, इसलिए प्रशासन, वित्त और गठबंधन प्रबंधन उनके लिए बड़ी परीक्षा होगी। समर्थकों का मानना है कि सतीशन कांग्रेस में नई ऊर्जा, स्पष्टता और आक्रामक राजनीतिक नेतृत्व का प्रतीक बनकर उभरे हैं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article