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Uttarakhand Tunnel Rescue Operation: उत्तराखंड के टनल में फंसे मजदूरों तक पहुंचा 6 इंच का पाइप, अब मिल सकेगा बढ़िया खाना

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 20, 2023, 07:53 PM IST

Uttarakhand Tunnel Rescue Operation: सुरंग के बंद हिस्से में 6 इंच की पाइप लाइन बिछाकर सेकेंडरी लाइफ लाइन बनाने के लिए ड्रिलिंग पूरी करके मलबे के आरपार 53 मीटर लंबी पाइपलाइन डाली गई है।

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उत्तराखंड टनल रेस्क्यू ऑपरेशन में मिली बड़ी सफलता

Photo : ANI

Uttarakhand Tunnel Rescue Operation: उत्तराखंड के उत्तरकाशी की सुरंग में फंसे मजदूरों के लिए आज 9वें दिन बड़ी राहत मिली। मजदूरों तक छह इंच वाली पाइप पहुंच गई है, जिसके माध्यम से अब उन्हें अच्छा खाना मिल सकेगा, जिससे उन्हें सुरंग के अंदर रेस्क्यू पहुंचने तक सेफ रहने में काफी मदद मिलेगी।

चिकित्सा विशेषज्ञों से परामर्श

फंसे हुए श्रमिकों के सामने आने वाली चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए, अधिकारियों ने उनकी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक विशेष आहार योजना तैयार करने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों से परामर्श किया। आज, इस महत्वपूर्ण समय के दौरान श्रमिकों को सहारा देने के लिए मूंग की खिचड़ी की आपूर्ति पाइप से भेजी जाएगी। बचाव अधिकारियों ने फंसे हुए व्यक्तियों को पोषण प्रदान करने के लिए चरणबद्ध तरीके से योजना बनाई गई है। प्रारंभ में, सीलबंद बोतलों में फलों के साथ हल्का भोजन इसके जरिए भेजा जाएगा।

53 मीटर लंबी पाइपलाइन

मिली जानकारी के अनुसार सुरंग के बंद हिस्से में 6 इंच की पाइप लाइन बिछाकर सेकेंडरी लाइफ लाइन बनाने के लिए ड्रिलिंग पूरी करके मलबे के आरपार 53 मीटर लंबी पाइपलाइन डाली गई है। सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे एनएचएआईडीसीएल के निदेशक अंशुमनीष खलखो, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला और टनल के भीतर संचालित रेस्क्यू अभियान के प्रभारी कर्नल दीपक पाटिल ने मीडिया को अहम जानकारियां दी।

पहली बार बड़ी कामयाबी

उन्होंने बताया कि नौ दिनों से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन में पहली बार बड़ी कामयाबी मिली है। इसके बाद श्रमिकों को जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास तेज होंगे। श्रमिकों के जीवन की रक्षा के लिए अब तक 4 इंच की पाइपलाइन ही लाइफलाइन बनी थी। अब सेकेंडरी लाइफ लाइन के तौर पर छह इंच व्यास की पाइप लाइन मलबे के आरपार बिछा दिए जाने के बाद श्रमिकों तक बड़े आकार की सामग्री, खाद्य पदार्थ, दवाईयों समेत अन्य जरूरी सामान भेजे जा सकेंगे। इस खबर के बाद श्रमिकों और उनके परिजनों ने खुशी जाहिर की। इसी बीच उत्तराखंड शासन के सचिव डॉ. नीरज खैरवाल ने परियोजना और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ सुरंग का निरीक्षण कर रेस्क्यू अभियान का जायजा लिया।

शिशुपाल कुमार
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शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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