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India Most Mysterious Missile: भारत का सबसे रहस्यमी मिसाइल, जिसके बारे में दुनिया को है सबसे कम जानकारी

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 20, 2023, 06:39 PM IST

India Most Mysterious Missile: डीआरडीओ के पोस्टर के अनुसार, मिसाइल एक ठोस ईंधन वाले रॉकेट मोटर बूस्टर द्वारा संचालित है, जो मिसाइल को एक निश्चित पूर्व-निर्धारित ऊंचाई और वेग तक ले जाता है।

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पिछले 10 महीने से गुपचुप तरीके से भारत कर रहा मिसाइल का टेस्ट

Photo : ANI

India Most Mysterious Missile: हाल ही हुए दुबई एयर शो में भारत ने एक ऐसा पोस्टर लगाया, जिससे पूरी दुनिया चौंक गई। भारत की ओर से डीआरडीओ ने इस एयर शो में एक मिसाइल के बारे में बताया, जिसकी टेस्टिंग फरवरी से चल रही है, लेकिन किसी को इसके बारे में पता नहीं है। इसकी रेंज, हथियार क्षमता इतनी ज्यादा है कि दुनिया हैरत में है।

निर्भय क्रूज मिसाइल पर आधारित

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने इस साल की शुरुआत में गुप्त रूप से अपनी इन-डेवलपमेंट पनडुब्बी-लॉन्च क्रूज़ मिसाइल (एसएलसीएम) का परीक्षण किया था। पनडुब्बियों के टारपीडो ट्यूबों से लॉन्च करने में सक्षम नया एसएलसीएम संभवतः जमीन पर हमला करने वाली निर्भय क्रूज मिसाइल पर आधारित है।

Nirbhay cruise missile

निर्भय क्रूज मिसाइल (फोटो- भारत सरकार)

मिसाइल के दो वेरिएंट

यह मिसाइल 5.6 मीटर लंबी है, जिसका वजन 975 किलोग्राम है, जिसका व्यास सिर्फ 505 मिमी है। मिसाइल के दो वेरिएंट होंगे, एक जमीन पर हमला करने वाली क्रूज मिसाइल वेरिएंट और दूसरा एंटी-शिप क्रूज मिसाइल वेरिएंट। एसएलसीएम मिडकोर्स नेविगेशन के लिए इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम/ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) आधारित ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम का उपयोग करता है, जिसमें टर्मिनल मार्गदर्शन के लिए एक सक्रिय रेडियो फ्रीक्वेंसी रडार साधक होता है।

Nirbhay missile

निर्भय मिसाइल (फोटो- भारत सरकार)

सफल परीक्षण

डीआरडीओ के पोस्टर के अनुसार, मिसाइल एक ठोस ईंधन वाले रॉकेट मोटर बूस्टर द्वारा संचालित है, जो मिसाइल को एक निश्चित पूर्व-निर्धारित ऊंचाई और वेग तक ले जाता है। इसके बाद, ठोस रॉकेट बूस्टर अलग हो जाता है, और एक टर्बोफैन-आधारित सस्टेनर इंजन मिसाइल को उसकी पूरी उड़ान में शक्ति प्रदान करता है। फरवरी के परीक्षण में, मिसाइल को लक्ष्य में और उस पर मोड़ने के लिए थ्रस्ट वेक्टर नियंत्रण, इन-फ़्लाइट विंग परिनियोजन और इन-फ़्लाइट इंजन स्टार्ट जैसी टेक्नोलॉजी सही साबित हुईं हैं।

SLCM missile (2)

देश की पहली पानी के अंदर से लॉन्च की गई मिसाइल B05 (Indian Govt)

दो हथियारों का विकल्प

एसएलसीएम के पास चुनने के लिए दो हथियार विकल्प होंगे, अर्थात्, बंकर को नष्ट करने और रणनीतिक लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए एक सटीक-सह-विस्फोट और क्षेत्र प्रभाव के लिए एक एयरबर्स्ट बम और नरम-परत वाले लक्ष्यों को नष्ट करना।

इन सबमरीन में प्रयोग

यह नई मिसाइल 0.7 मैक की गति से यात्रा करेगी और संभवतः कलवरी क्लास, सिंधुघोष क्लास और संभावित रूप से प्रोजेक्ट -75I क्लास पनडुब्बियों के साथ भी एकीकृत होगी। भविष्य में मिसाइल की 500 किलोमीटर की मारक क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा।

INS Kalvari Sea

आईएनएस कलवरी (फोटो- भारत सरकार)

फरवरी में परीक्षण

दुबई एयर शो में डीआरडीओ स्टॉल पर प्रदर्शित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एएनआई द्वारा पोस्ट किए गए पोस्टर के अनुसार, मिसाइल का परीक्षण फरवरी 2023 में किया गया था। मिसाइल ने सफलतापूर्वक अपने लक्ष्य को भेदा और 402 किलोमीटर की दूरी पर अपने सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा किया।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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