महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) पर संकट के बादल और गहरे हो गए हैं। सोमवार को मुंबई में उद्धव ठाकरे ने पार्टी कार्यालय 'शिवालय' में अपने विधायकों और विधान पार्षदों (MLCs) की एक बेहद अहम बैठक बुलाई थी। इस बैठक का मकसद विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान मौजूदा महायुति सरकार को घेरने की रणनीति तैयार करना था। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि इस बैठक से पार्टी के तीन अहम विधायक ही गायब रहे।
नेताओं ने बैठक से दूरी बनाने की बताई अलग-अलग वजहें
बैठक में न आने वाले नेताओं में विधान परिषद सदस्य (MLC) सुनील शिंदे, कलीना से विधायक संजय पोतनिस और परभणी से विधायक राहुल पाटिल शामिल हैं। हालांकि, इन नेताओं ने बैठक से दूरी बनाने की अलग-अलग वजहें बताई हैं। राहुल पाटिल का कहना था कि वे विधान परिषद चुनाव की मतगणना और परभणी में उद्धव ठाकरे के आगामी दौरे की तैयारियों में व्यस्त थे। वहीं सुनील शिंदे ने कहा कि वे अपने गृहनगर चिपलुन गए हुए थे और मुंबई लौट रहे हैं। संजय पोतनिस ने कोई साफ वजह तो नहीं बताई, लेकिन यह जरूर कहा कि वे अभी भी उद्धव ठाकरे के साथ हैं।
आज ही 6 लोकसभा सांसद ने थामा एकनाथ शिंदे का हाथ
यह बैठक ऐसे समय पर हुई जब पार्टी पहले से ही बड़े झटके से उबरने की कोशिश कर रही है। महज 500 मीटर की दूरी पर यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में उद्धव गुट के 6 लोकसभा सांसद औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो रहे थे। 4 साल के भीतर उद्धव ठाकरे के साथ यह दूसरा बड़ा राजनीतिक विभाजन है। इस बीच, बैठक में उद्धव ठाकरे ने अपने बचे हुए विधायकों का हौसला बढ़ाने की कोशिश की और उन्हें कर्जमाफी, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों जैसे मुद्दों पर सरकार को आड़े हाथों लेने का निर्देश दिया।
