LPG Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस बीच, भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई। एलपीजी लेकर भारत आ रहे दो जहाजों ने सुरक्षित रूप से होर्मुज को पार कर लिया है। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
LPG टैंकरों पर पैनी नजर
मंत्रालय के मुताबिक, दोनों जहाजों की आवाजाही भारतीय तेल निगम (IOC) के समन्वय में हो रही है। पश्चिम एशिया संकट को लेकर आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस कॉन्फ्रेंस गुरुवार को मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकुल मंगल ने बताया कि दो एलपीजी टैंकर जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ''ये दोनों जहाज भारत के लिए एलपीजी टैंकर लेकर आ रहे हैं और उनकी सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है।''
कितनी LPG आ रही भारत?
अधिकारियों के मुताबिक, पहला जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला LPG कैरियर है, जिसमें भारत के लिए 19,965 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो लदा हुआ है। जहाज पर 21 विदेशी क्रू सदस्य मौजूद हैं। यह पोत 13 मई, 2026 को सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है और इसके 16 मई को कांडला पोर्ट पहुंचने की संभावना है।
एनवी सनशाइन भी आ रहा भारत
वहीं, दूसरा पोत 'एनवी सनशाइन' वियतनाम का एलपीजी कैरियर है। इसमें भारत के लिए 46,427 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो मौजूद है और जहाज पर 24 विदेशी क्रू सदस्य सवार हैं। यह पोत 14 मई को सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है और इसके 18 मई को न्यू मैंगलोर पोर्ट पहुंचने की संभावना है।
इसी बीच, ओमान के समुद्री क्षेत्र में एक भारतीय नौका के डूबने की घटना भी सामने आई है। मंत्रालय के अनुसार, 'हाजी अली' नामक लकड़ी की भारतीय नौका 13 मई की सुबह ओमानी जलक्षेत्र में एक हमले जैसी घटना का शिकार हुई, जिसके बाद वह डूब गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि ओमान कोस्ट गार्ड ने जहाज पर मौजूद सभी 14 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया।
अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रणनीतिक समुद्री मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि भारती की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो। उधर, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराता जा रहा है। हालांकि, अस्थायी सीजफायर लागू है और दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिश हो रही हैं।
