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नतीजों से पहले ही बिखर गया इंडिया गठबंधन? 1 जून की बैठक में नहीं शामिल होंगी ममता बनर्जी

TMC not attend India Alliance meeting: टीएमसी से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और अन्य शीर्ष नेता उस दिन मतदान करेंगे और इसलिए बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। बता दें, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक जून की दोपहर को इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं की बैठक बुलाई है।

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Photo : PTI

TMC not attend India Alliance meeting: तृणमूल कांग्रेस आगामी एक जून को इंडिया गठबंधन की बैठक से दूर रह सकती है, क्योंकि बैठक वाले दिन ही लोकसभा चुनाव के सातवें एवं अंतिम चरण का मतदान है, जिसको देखते हुए पार्टी के प्रमुख नेता व्यस्त रहेंगे। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक जून की दोपहर को इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं की बैठक बुलाई है। टीएमसी के सूत्रों ने कहा कि बैठक वाले दिन पश्चिम बंगाल में नौ सीट पर मतदान होगा, जिनमें कोलकाता की दो सीट - कोलकाता दक्षिण और कोलकाता उत्तर शामिल हैं, जो पार्टी के लिए महत्वपूर्ण हैं। राज्य में उस दिन जिन अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होना है, उनमें यादवपुर, दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर और डायमंड हार्बर शामिल हैं।

ममता ने जारी किया बयान

इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर ममता बनर्जी का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा, इंडिया की टीम 1 जून को एक बैठक कर रही है। मैंने उनसे कहा है कि मैं इसमें शामिल नहीं हो सकती क्योंकि उसी दिन पश्चिम बंगाल की 10 सीटों पर चुनाव है। पंजाब, बिहार और पंजाब यूपी में भी 1 जून को चुनाव है। एक तरफ चक्रवात है, दूसरी तरफ चुनाव है अभी मुझे चक्रवात से राहत सब कुछ करना है। हमारी प्राथमिकता यह है।

ममता से लेकर TMC के बड़े नेता उसी दिन करेंगे मतदान

पार्टी से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और अन्य शीर्ष नेता उस दिन मतदान करेंगे और इसलिए बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। सूत्र ने इस बात का उल्लेख किया कि पार्टी अब तक विपक्षी गठबंधन की सभी बैठकों में शामिल हुई है। सूत्र के अनुसार, टीएमसी ने बैठक के आयोजकों को शामिल होने में असमर्थता के बारे में जानकारी दे दी है।

अभी तक सभी बैठकों में शामिल हुई है टीएमसी

इंडिया गठबंधन की पहली बैठक पिछले साल 23 जून को पटना में हुई थी, उसके बाद 17-18 जुलाई, 2023 को बेंगलुरु में और फिर 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच मुंबई में बैठक हुई। विपक्षी गठबंधन की चौथी बैठक 19 दिसंबर को दिल्ली में हुई। इसके बाद अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के विरोध में दिल्ली में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैली में 31 मार्च को विपक्षी नेता शामिल हुए थे। टीएमसी इन सभी बैठकों और जनसभाओं का हिस्सा रही है। दिल्ली में 31 मार्च की रैली में टीएमसी के नेता डेरेक ओब्रायन ने घोषणा की थी कि वे इंडिया ब्लॉक का हिस्सा बने रहेंगे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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