Last rites of AI pilot Kunder And Roshni: पिछले सप्ताह अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के विमान के को-पायलट फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर और फ्लाइट अटेंडेंट रोशनी सोंघरे को सैकड़ों लोगों ने भावभीनी विदाई दी। इनमें उनके परिवार के सदस्य और दोसत शामिल थे। उनका अंतिम संस्कार आज किया गया। कुंदर का अंतिम संस्कार दोपहर में मुंबई के सेवरी क्रिश्चियन कब्रिस्तान में किया गया, जबकि रोशनी सोंघरे का अंतिम संस्कार निकटवर्ती ठाणे जिले में किया गया।
नम आंखों से कुंदर की तस्वीरें हाथों में लिए हुए थे लोग
कई लोग नम आंखों से कुंदर की तस्वीरें अपने हाथों में लिए हुए थे और दुर्घटना में उनकी मौत के एक सप्ताह बाद उन्हें अंतिम विदाई दे रहे थे। इससे पहले सुबह कुंदर के पार्थिव शरीर वाला ताबूत विमान से मुंबई हवाई अड्डे पहुंचा और उसके बाद गोरेगांव (पश्चिम) के राम मंदिर रोड स्थित सनटेक सिटी स्थित उनके आवास पर ले जाया गया। कुंदर के कई दोस्त और रिश्तेदार व स्थानीय निवासी श्रद्धांजलि देने के लिए उनके आवास पर जमा हुए और बाद में उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। कुंदर मुंबई में अपने बुजुर्ग माता-पिता और छोटी बहन के साथ रहते थे। दोपहर एक बजे तक कुंदर के घर पर पार्थिव शरीर रखा गया और बाद में कब्रिस्तान ले जाया गया।
कुल 270 लोगों की मौत
लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जिसमें 242 यात्री और चालक दल के सदस्य थे, 12 जून को दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। विमान में सवार एक यात्री को छोड़कर सभी की मौत हो गई, जबकि नीचे मौजूद 29 लोगों ने भी जान गंवाई। विमान अहमदाबाद में एक मेडिकल हॉस्टल परिसर में जा घुसा था। कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर कुंदर विमान उड़ा रहे थे। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने पहले एक बयान में कहा था कि सभरवाल के पास 8,200 घंटे की उड़ान का अनुभव था, जबकि कुंदर के पास 1,100 घंटे का अनुभव था।
रोशनी सोंघारे को भी विदाई
मुंबई के रहने वाले सभरवाल का अंतिम संस्कार मंगलवार को किया गया था। फ्लाइट अटेंडेंट रोशनी सोंघारे (27) का अंतिम संस्कार सुबह ठाणे जिले के उनके गृहनगर डोंबिवली में किया गया। शोकाकुल पिता राजेंद्र सोंघारे ने स्थानीय श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया। डीएनए जांच के जरिए उनकी पहचान की पुष्टि होने के बाद बुधवार देर रात उनके पार्थिव शरीर को परिवार को सौंप दिया गया। एयर इंडिया के विशेष विमान से शव को मुंबई लाया गया, जहां से उसे डोंबिवली ले जाया गया।
