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'AAP नेताओं पर मेरी निजी तस्वीरें लीक करने का दबाव...' स्वाति मालीवाल का नया दावा

Swati Maliwal Assault Case: स्वाति मालीवाल ने नया दावा करते हुए कहा कि कल मुझे आम आदमी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का फोन आया। उन्होंने कहा कि हर किसी पर उनके खिलाफ गंदी बातें बोलने और उनकी निजी तस्वीरें लीक करने का दबाव है। साथ ही कहा जा रहा है कि जो भी उनका समर्थन करेगा उसे पार्टी से निकाल दिया जाएगा।

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Swati Maliwal

Photo : Twitter

Swati Maliwal Assault Case: दिल्ली मुख्यमंत्री आवास पर मारपीट का आरोप लगाने वाली राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने बुधवार को दावा किया कि आम आदमी पार्टी के नेताओं पर उनके खिलाफ गलत बोलने और उन्हें बदनाम करने का दबाव बनाया जा रहा है। मालीवाल ने एक्स पर लिखा, कल मुझे पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का फोन आया। उन्होंने कहा कि हर किसी पर उनके खिलाफ गंदी बातें बोलने और उनकी निजी तस्वीरें लीक करने का दबाव है। साथ ही कहा जा रहा है कि जो भी उनका समर्थन करेगा उसे पार्टी से निकाल दिया जाएगा।

मालीवाल ने दावा करते हुए कहा कि किसी को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की जिम्मेदारी दी गई है तो किसी को उनके खिलाफ ट्वीट करने को कहा गया है। उन्होंने आगे कहा, किसी को अमेरिका में बैठे वालंटियर्स से मेरे खिलाफ सबूत जुटाने का काम सौंपा गया है। वहीं कुछ करीबी पत्रकारों को फर्जी स्टिंग ऑपरेशन तैयार करने का काम सौंपा गया है।

अकेले सामना करने को तैयार

स्वाति मालीवाल ने एक्स पोस्ट में कहा, आप मेरे खिलाफ हजारों की फौज खड़ी कर सकते हो, मैं अकेले ही इसका सामना करने के लिए तैयार हूं, क्योंकि सच्चाई मेरे साथ है। उन्होंने कहा, मैं आप नेताओं नाराज नहीं हूं, आरोपी बहुत ताकतवर आदमी है। बड़े-बड़े नेता भी उनसे डरते हैं। किसी में भी उनके खिलाफ खड़े होने की हिम्मत नहीं है। मैं किसी से कोई उम्मीद भी नहीं रखती। मुझे दुख इस बात का है कि दिल्ली की महिला मंत्री मुस्कुराते हुए कैसे पार्टी की एक पुरानी महिला सहयोगी के चरित्र का हनन कर रही है। मैंने अपने आत्मसम्मान के लिए लड़ाई शुरू की है, मैं तब तक लड़ती रहूंगी जब तक मुझे न्याय नहीं मिल जाता। मैं इस लड़ाई में बिल्कुल अकेली हूं लेकिन हार नहीं मानूंगी।

18 मई को गिरफ्तार हुआ था बिभव कुमार

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी बिभव कुमार को स्वाति मालीवाल पर हमले के सिलसिले में 18 मई को गिरफ्तार किया गया और एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। 13 मई को मुख्यमंत्री आवास पर मालीवाल के साथ कथित तौर पर मारपीट के बाद दिल्ली पुलिस ने बिभव कुमार के खिलाफ छेड़छाड़ और गैर इरादतन हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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