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SIR की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा-निष्पक्ष चुनाव के लिए EC को इसे कराने का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश में एसआईआर की प्रक्रिया चलती रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री, दोनों पक्षों की दलीलों और घटनाक्रम का अध्ययन करने के बाद अदालत की राय है कि मामले में कुछ अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार किए जाने की जरूरत है।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ईसी को एसआईआर कराने का हक है।

Photo : PTI

SIR Validity Verdict: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग (EC) एसआईआर कराने का संवैधानिक अधिकार है। वह SIR करा सकता है और देश में एसआईआर की प्रक्रिया चलती रहेगी।

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण करने का अधिकार है।

कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री, दोनों पक्षों की दलीलों और घटनाक्रम का अध्ययन करने के बाद अदालत की राय है कि मामले में कुछ अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार किए जाने की जरूरत है।

क्या EC के पास SIR जैसी प्रक्रिया चलाने का अधिकार है?

कोर्ट ने कहा कि पहला सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग के पास SIR जैसी प्रक्रिया चलाने का अधिकार है। दूसरा मुद्दा यह है कि क्या SIR के तहत की जा रही जांच किसी वैध उद्देश्य पर आधारित है और यदि हां, तो क्या चुनाव आयोग द्वारा अपनाए गए उपाय उस उद्देश्य को हासिल करने के लिहाज से संतुलित और अनुपातिक हैं। अदालत ने तीसरे मुद्दे के तौर पर यह भी कहा कि यह जांचना जरूरी है कि SIR के तहत अपनाई गई प्रक्रिया कहीं रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपुल एक्ट, 1950 के प्रावधानों के विपरीत या उनका उल्लंघन तो नहीं करती।

याचिकाओं में दी गई चुनौती

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य-बागची की पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था। याचिकाओं में एसआईआर प्रक्रिया की वैधता को चुनौती दी गई थी और इनमें कहा गया था कि एसआईआर प्रक्रिया संविधान के अनुच्‍छेद 326, जन प्रतिनिधित्‍व कानून 1950 और इन के अंतर्गत बनाए गए नियमों में निर्वाचन आयोग को दी गई शक्तियों के दायरे से बाहर थी। याचिकाकर्ताओं की यह भी दलील थी कि एसआईआर प्रक्रिया ने गरीब और विस्‍थापित जनसंख्‍या के बड़े हिस्‍से को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया।

SC ने राज्यों को अंतरिम निर्देश जारी किए थे

यह याचिकाएं बिहार में पिछले साल जून में एसआईआर प्रक्रिया शुरू करने के निर्वाचन आयोग के फैसले के बाद दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान, सर्वोच्च न्यायालय ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया से प्रभावित मतदाताओं के बीच पारदर्शिता को बढ़ावा देने और कठिनाई को कम करने के लिए अंतरिम निर्देश जारी किए थे।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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