देश

श्रद्धा की लाश के मिल गए 13 टुकड़े, पुलिस चाहती है आफताब का ‘नार्को टेस्ट'; बोली- न था पछतावे का कोई भाव

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Nov 16, 2022, 07:33 PM IST

Shraddha Murder Case: 28 बरस के आफताब पूनावाला ने मई 2022 में कथित तौर पर लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वालकर की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। फिर उसके शव के 35 टुकड़े कर उन्हें साउथ दिल्ली के महरौली इलाके में अपने घर में पास तीन हफ्ते तक 300 लीटर क्षमता वाले फ्रिज में रखा था। बाद में उसने श्रद्धा के शव के इन टुकड़ों को कई दिनों तक दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर फेंका था। दिल्ली पुलिस उसे गिरफ्तार कर चुकी है।

Shraddha Murder Case: श्रद्धा वालकर हत्याकांड में पुलिस मतृका के लाश के 13 टुकड़े बुधवार तक बरामद कर चुकी है। अब वह आरोपी और लड़की के लिव-इन-पार्टनर आफताब अमीन पूनावाला का ‘नार्को टेस्ट’ कराना चाहती है। पुलिस ने इसके साथ ही यह भी बताया कि पूनावाला के चेहरे पर पछतावे का कोई भाव नहीं था।

बुधवार (16 नवंबर, 2022) को समाचार एजेंसी को सीनियर अफसर ने बताया कि पुलिस साउथ दिल्ली के छतरपुर के जंगल में कथित हत्यारे और लाश के 35 टुकड़ों को फेंकने के आरोपी का ‘नार्को टेस्ट’ कराना चाहती है। फिलहाल पुलिस को अदालत से अनुमति नहीं मिली है।

विभिन्न क्षेत्रों से मिले महिला के शव के बरामद किए गए 13 टुकड़ों को डीएनए विश्लेषण के लिए भेजा जाएगा। जांच टीम के डेटिंग ऐप ‘बम्बल’ से भी संपर्क करने की संभावना है, जिसके जरिए दोनों की मुलाकात हुई थी।

पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि श्रद्धा के दोस्तों में से एक लक्ष्मण को जांच में शामिल होने के लिए कहा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पूनावाला के नार्को टेस्ट के लिए आवेदन किया है।’’

उधर, झारखंड के पूर्व डीजीपी निर्मल कौर ने कहा- इस हत्या को 'जुनून के अपराध' के रूप में पेश नहीं किया जा सकता, क्योंकि 'इसमें कोई प्यार शामिल नहीं था'। यह केवल 'जिहाद' था और इसमें 'कोई प्यार नहीं' था। प्यार कहां हैं? यह तो सारा जिहाद ही है जैसे कि वे कह रहे हैं। अगर प्यार होता, तब वह क्या लड़की के साथ ऐसा करता?

महाराष्ट्र की रहने वाली श्रद्धा दिल्ली में पूनावाला के साथ रह रही थी। पूनावाला ने कथित तौर पर उसका गला घोंटा। फिर शव के 35 टुकड़े कर दिए, जिन्हें उसने दक्षिण दिल्ली के महरौली में अपने आवास पर लगभग तीन सप्ताह तक 300 लीटर के फ्रिज में रखा तथा कई दिनों तक विभिन्न हिस्सों में फेंकता रहा था।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!