महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को गुरुवार रात पायलट की वजह से एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा। शिंदे की जलगांव से मुंबई वापसी देरी से हुई, क्योंकि पायलट ने विमान उड़ाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद शिंदे मान-मनौव्वल में जुट गए, लेकिन ड्यूटी घंटे का हवाला देते हुए पायलट ने बार-बार विमान उड़ाने से इनकार किया।
क्या है पूरा मामला?
पायलट ने थकावट और निर्धारित ड्यूटी घंटों से अधिक समय तक उड़ान भरने का हवाला देते हुए उड़ान भरने से इनकार कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, 12 घंटे से अधिक समय से लगातार उड़ान भर रहे पायलट ने थकान की शिकायत की और कहा कि वह दूसरी उड़ान भरने के लिए चिकित्सकीय रूप से फिट नहीं है।
शिंदे का एक दिवसीय जलगांव दौरा
यह स्थिति उस समय उत्पन्न हुई, जब शिंदे जलगांव जिले का एक दिन का दौरा पूरा करने के बाद देर रात मुंबई के लिए रवाना होने वाले थे। मुक्ताईनगर में कार्यक्रम समाप्त करने के बाद उपमुख्यमंत्री जलगांव हवाई अड्डे पर पहुंचे और उनका प्रस्थान तय था, लेकिन उड़ान भरने से ठीक पहले पायलट ने बताया कि वह लंबे समय तक ड्यूटी करने के कारण स्वास्थ्य कारणों से विमान का संचालन नहीं कर सकता है।
बंद कमरे में हुई बातचीत
सूत्रों के मुताबिक, स्थिति तनावपूर्ण होने पर शिंदे ने खुद पायलट को मनाने की कोशिश की और राज्य के मंत्री गिरीश महाजन और गुलाबराव पाटिल ने भी हस्तक्षेप किया। इसके बाद शिंदे ने तीनों पायलटों के साथ एयरपोर्ट के वेटिंग लाउंज में बंद कमरे में चर्चा की, जबकि पायलट के स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए एक डॉक्टर को भी बुलाया गया।
शिंदे को 45 मिनट करना पड़ा इंतजार
शिंदे को हवाई अड्डे पर करीब 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। अंत में, यह सुनिश्चित करने के बाद कि पायलट उड़ान भरने के लिए फिट है और आवश्यक मंजूरी मिल गई है, पायलट ने उड़ान भरने के लिए सहमति व्यक्त की, जिससे शिंदे को मुंबई की ओर जाने की अनुमति मिल गई।
इस दौरान शिंदे को एक दंपत्ति भी मिला जिन्हें किडनी की सर्जरी मुंबई में करानी थी, लेकिन उनकी फ्लाइट मिस हो गई। ऐसे में शिंदे ने दंपति को अपने निजी विमान में जगह दी और उन्हें मुंबई पहुंचाया।
