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यूपी में धर्म परिवर्तन पर सनसनीखेज खुलासा, कानपुर की हिंदू बस्ती में 90% धर्मांतरण, इसके पीछे कौन?

  • Edited by: रामानुज सिंह
  • Updated Nov 10, 2022, 07:48 PM IST

Conversion in UP : उत्तर प्रदेश के कानपुर में धर्म परिवर्तन पर बड़ा खुलासा हुआ है। घाटमपुर बस्ती में 90 प्रतिशत हिंदुओं का धर्मांतरण हो चुका है। यहां धोखे से धर्मपरिवर्तन कराया गया। एक्सक्लूसिव से जानिए हकीकत है।

KEY HIGHLIGHTS
  • यूपी में धर्म परिवर्तन गैंग पर सनसनीखेज खुलासा
  • धोखा देकर धर्म का अपहरण, ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन
  • कानपुर का घाटमपुर..कैसे बना 'ईसाई'पुर ?

Conversion in UP : एक्सक्लूसिव स्टोरी आज उत्तर प्रदेश से है। जहां धर्म के धंधेबाजों पर बड़ा खुलासा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि कानपुर की एक हिंदू बस्ती की 90 फीसदी आबादी का धर्म परिवर्तन हो चुका है। आरोप ये भी है कि ये काम गैरकानूनी तरीके और धोखे से हुआ। ऐसे आरोपों और दावों की क्या है हकीकत? पूरी सच्चाई कानपुर के ग्राउंड जीरो से हमारे संवाददाता विनोद मिश्रा की इस रिपोर्ट में देखिए।

क्या कानपुर शहर से सिर्फ 40 किलोमीटर दूर घाटमपुर में वाकई घर-घर धर्मांतरण हो चुका है? क्या सचमुच इस बस्ती की ज्यादातर आबादी ईसाई बन चुकी है? इन सवालों की पड़ताल के लिए टाइम्स नाउ नवभारत की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो सबसे पहले हमारी मुलाकात जीवन संखवार से हुई। जो पेशे से ड्राइवर हैं। जिन्हें धर्म परिवर्तन गिरोह ने अपने जाल में फंसाने की कोशिश की थी।

शादी, पैसा और वो सबकुछ देने का झांसा दिया जाता है। जिनसे हर मजबूर और मजलूम इंसान महरूम है। जीवन ऐसे इकलौते शख्स नहीं हैं। जिन्हें ईसाई मिशनरी ने टारगेट किया। इसी इलाके में रहने वाले ईसू अवस्थी को भी उन पादरियों ने जाल में फंसाने की कोशिश की। जो खुद धर्म बदलकर पहले ईसाई बने और अब जबरिया धर्म परिवर्तन के धंधे में जुटे हैं।

आलम ये है कि घाटमपुर के इस इलाके में घर-घर चर्च में तब्दील हो चुका है। आरोप है कि प्रकाश सोनारे और उसकी पत्नी पादरी का काम करते हैं। जबकि राजेश संखवार उनके एजेंट के तौर पर गरीब हिंदुओं को बरगलाते हैं।

धोखे से धर्मांतरण का अहसास हुआ तो ईसू अवस्थी ने आरोपियों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई। ऐसे में योगी आदित्यनाथ के राज में कानून के डंडे का डर सताया तो अब सारे आरोपी चर्च पर ताला बंद कर फरार हो चुके हैं।

इसी चर्च से सिर्फ 100 कदम की दूरी पर हमारी मुलाकात श्यामू से हुई। जिन पर ईसाई मिशनरी ने हिंदू धर्म छोड़ने और ईसाइयत कबूल करने का दबाव बनाया था।

पड़ताल के दौरान घाटमपुर में ही रहने वाले एक शख्स ने चौंकाने वाला दावा किया। दावा ये कि धर्मांतरण गैंग ने यहां ऐसा कहर बरपाया कि इस मोहल्ले के 90 परसेंट लोग ईसाई बन चुके हैं।

लोगों से बातचीत के दौरान ये भी पता चला कि इस इलाके में पादरी जगराम सिंह भी हालिया दिनों तक बहुत सक्रिय था। जिसके घर पर हर रविवार को लोगों को बहला-फुसला कर लाया जाता था और फिर धोखे और लालच देकर उनका धर्म बदल दिया जाता था। अब पादरी जगराम भी फरार है लेकिन उसके गुनाहों की कहानी पड़ोसियों की जुबानी सरेआम है।

ऐसा नहीं है कि सिर्फ अनुसूचित जाति के लोगों को ही ईसाई मिशनरियां टारगेट करती हैं। उन तमाम गरीब लोगों को भी नौकरी और पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन वाली साजिश का शिकार बनाया जाता है। जो बेरोजगारी और गरीबी से परेशान हैं।

घाटमपुर में धर्म परिवर्तन के धंधे की भनक मिलते ही हिंदूवादी संगठन सक्रिय हो गए हैं। उनका आरोप है कि ईसाई मिशनरियां गरीब हिंदुओं को बरगलाने से पहले पूरी प्लानिंग के तहत पीड़ितों के ब्रेनवॉश भी करती हैं। घाटमपुर के धर्मपरिवर्तन की कहानियां लखनऊ तक पहुंच चुकी है। ऐसे में सरकार ने गुनहगारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया है।

यूपी में जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ बाकायादा कानून है:-

  • विवाह के लिए धर्मांतरण गैर जमानती अपराध है।
  • धर्मांतरण के लिए 2 महीने पहले जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस देना जरूरी है।
  • शादी के लिए गैरकानूनी धर्मांतरण साबित होने पर 1 से 5 साल जेल और 15 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।
  • नाबालिग, महिला और SC-ST का गैरकानूनी तरीके से धर्मांतरण करने पर 3 से 10 साल की जेल और 25 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
  • सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में 3 से 10 साल तक जेल और 50 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
  • गैरकानूनी धर्मांतरण में शामिल संगठनों के रजिस्ट्रेशन को रद्द करने का भी नियम तय किया गया है।

जाहिर है कि इतने कड़े कानून होने के बावजूद अगर कानपुर में बड़े पैमाने पर जबरन धर्म परिवर्तन हुआ है तो ये पुलिस के लिए भी बड़ा चैलेंज है। ऐसे में अब जररूत कड़ी और फौरी तहकीकात और कार्रवाई की है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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