आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिल्ली पुलिस पर सांसदों और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट करने का आरोप लगाया है। संजय सिंह ने इस मामले में संसद की विशेषाधिकार समिति को पत्र लिखकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले सांसदों, पत्रकारों, वकीलों और प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया।
'हम आतंकवादी नहीं, संसद के सदस्य हैं'
संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि सांसद कोई आतंकवादी, गुंडे या माफिया नहीं हैं, बल्कि देश की संसद के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने, वोट चोरी के खिलाफ और कहीं भी हो रहे कथित अत्याचार के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है।
आप सांसद ने कहा कि यह अधिकार उन्हें किसी सरकार ने नहीं दिया, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा लिखे गए संविधान की बदौलत मिला है। उन्होंने दिल्ली पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस को मनमाने तरीके से कार्रवाई करने की छूट दी गई है।
'मुझे तीन बार घसीटा गया, गर्दन खींची गई'
संजय सिंह ने दावा किया कि अक्टूबर में 2, 10 और 12 तारीख को उन्हें तीन बार घसीटा गया और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी गर्दन खींची और उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन घटनाओं के दौरान पत्रकारों, वकीलों और छोटी बच्चियों के साथ भी मारपीट की गई। संजय सिंह ने पुलिस की कार्रवाई को तानाशाहीपूर्ण बताते हुए सवाल किया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करने वालों के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर पर भी लगाए आरोप
आप सांसद ने कहा कि उन्होंने इन घटनाओं के दौरान दिल्ली पुलिस कमिश्नर से संपर्क करने की कोशिश की थी। उनके मुताबिक, उन्होंने पुलिस कमिश्नर को फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया और उनके संदेश का भी कोई जवाब नहीं मिला। संजय सिंह ने इसी मामले को लेकर संसद की विशेषाधिकार समिति को पत्र लिखा है। उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए सांसदों के विशेषाधिकारों और उनके संवैधानिक अधिकारों से जुड़े सवाल उठाए हैं।
विशेषाधिकार समिति की भूमिका पर नजर
संसद की विशेषाधिकार समिति सांसदों के विशेषाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की जांच कर सकती है और संबंधित मामले में अपनी सिफारिशें दे सकती है। अब इस मामले में समिति की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी। हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने के बाद मामले का दूसरा पक्ष भी सामने आ सकेगा। फिलहाल संजय सिंह ने अपने पत्र के जरिए पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
