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उत्तराखंड में सुरंग में फंसे श्रमिकों के लिए बचाव अभियान: वायुसेना ने 36 टन महत्वपूर्ण उपकरण पहुंचाए

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  • Updated Nov 20, 2023, 11:49 PM IST

महत्वाकांक्षी चारधाम सड़क परियोजना के तहत यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही साढ़े चार किलोमीटर लंबी सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा ढहने से इसके अंदर काम कर रहे 41 श्रमिक फंस गए, जिन्हें निकाले जाने के लिए युद्धस्तर पर बचाव और राहत अभियान जारी है।

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उत्तराखंड सुरंग रेस्क्यू ऑपरेशन में वायुसेना जुटी

Photo : ANI

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में ढही सुरंग में फंसे श्रमिकों के बचाव के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत वायुसेना ने एक सी-17 और दो सी-130जे सुपर हरक्यूलिस परिवहन विमान का इस्तेमाल करते हुए सोमवार को 36 टन वजनी महत्वपूर्ण उपकरण पहुंचाए। विमान में लादे जा रहे कुछ महत्वपूर्ण उपकरणों की तस्वीरें भी साझा की गईं। वायुसेना के अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा था कि इंदौर से देहरादून तक लगभग 22 टन महत्वपूर्ण उपकरण पहुंचाने के लिए सी-17 परिवहन विमान का इस्तेमाल किया गया।

जारी रहेगा अभियान

वायुसेना ने एक्स पर पोस्ट किया- "उत्तरकाशी में बचाव कार्यों के लिए वायुसेना की सहायता निरंतर जारी है। एक सी-17 और दो सी-130 जे विमानों के जरिये वायुसेना ने आज 36 टन वजनी अन्य महत्वपूर्ण उपकरण पहुंचाए। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी उपकरण पहुंचा नहीं दिए जाते।"

फंसे हैं 41 मजदूर

अभियान में सोमवार को तब महत्वपूर्ण कामयाबी मिली जब बचावकर्मियों ने सुरंग के अवरुद्ध हिस्से में ड्रिलिंग कर मलबे के आर-पार छह इंच व्यास की पाइपलाइन डाल दी, जिसके जरिए पिछले आठ दिनों से सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को ज्यादा मात्रा में खाद्य सामग्री, संचार उपकरण तथा अन्य जरूरी वस्तुएं पहुंचाई जा सकेंगी। अब तक, श्रमिकों तक ऑक्सीजन, हल्की खाद्य सामग्री, मेवे, दवाइयां और पानी पहुंचाने के लिए चार इंच के पाइप का इस्तेमाल किया जा रहा था।

जारी है रेस्कयू ऑपरेशन

महत्वाकांक्षी चारधाम सड़क परियोजना के तहत यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही साढ़े चार किलोमीटर लंबी सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा ढहने से इसके अंदर काम कर रहे 41 श्रमिक फंस गए, जिन्हें निकाले जाने के लिए युद्धस्तर पर बचाव और राहत अभियान जारी है। सुरंग स्थल पर बचाव कार्यों में सहायता के लिए वायुसेना भारी मशीनरी पहुंचा रही है।

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