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कहीं बादल फटा तो कहीं भूस्खलन! हिमाचल से लेकर जम्मू तक में मची तबाही, स्कूल से लेकर सड़क तक बंद; देखिए वीडियो

कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार को बारिश हुई, जिससे नदियां व नाले उफना गए और प्राधिकारियों ने लोगों से पहाड़ी ढलानों और जलाशयों के आसपास जाने से परहेज करने का आग्रह किया। अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम की बेताब घाटी में शेषनाग नाले का जलस्तर अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर 5.68 फीट को पार कर गया है और 6.02 फीट पर बह रहा है। इस नाले का बाढ़ चेतावनी स्तर 4.59 फीट है, जबकि खतरे का निशान 5.09 फीट है।

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जम्मू, पंजाब, हिमाचल, ओडिशा में बाढ़ ने मचाई तबाही (फोटो- PTI)

देश कई राज्य इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण हिमाचल से लेकर ओडिशा तक और पंजाब से लेकर जम्मू तक में नदियां उफान पर हैं। कहीं भूस्खलन हो रहा है तो कहीं बादल फट रहे हैं। दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों सड़कें, पुल, रास्ते ध्वस्त हो चुके हैं। घर से लेकर होटल तक मलबों के ढेर में तब्दील हो चुके हैं।

जम्मू में रात के समय लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध

जम्मू में अधिकारियों ने भारी बारिश के बीच किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर रात के समय लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। मंगलवार को एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गयी। जम्मू के जिला मजिस्ट्रेट राकेश मिन्हास ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया। मिन्हास ने कहा, “लगातार बारिश, मौसम संबंधी चेतावनियों और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए रात के समय आवाजाही को प्रतिबंधित करना आवश्यक हो गया है।”

जम्मू क्षेत्र में भारी बारिश से रेल यातायात बाधित

जम्मू क्षेत्र में भारी बारिश के कारण उत्तर रेलवे ने मंगलवार को कटरा, उधमपुर और जम्मू रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाली 18 ट्रेनों को रद्द कर दिया। जम्मू क्षेत्र में सोमवार रात से लगातार हो रही बारिश को दशकों में सबसे भारी बारिश बताया जा रहा है, जिससे पुल क्षतिग्रस्त हो गए, सड़क संपर्क मार्ग बाधित हो गया और बड़ा भूभाग जलमग्न हो गया। भारी बारिश के कारण हो रहे नुकसान के बीच लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात बंद कर दिया गया है, जबकि कई पहाड़ी सड़कें भूस्खलन या अचानक आई बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो जाने से अवरुद्ध हो गई हैं। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर माता वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा भी स्थगित कर दी गई है।

जम्मू में 27 अगस्त तक स्कूल बंद

जम्मू संभाग में खराब मौसम के कारण विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों में कांस्टेबल पद के लिए जारी भर्ती प्रक्रिया मंगलवार को स्थगित कर दी गई, जबकि पूरे जम्मू संभाग के सभी स्कूलों को 27 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। जम्मू और कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बुधवार को होने वाली कक्षा 10वीं और 11वीं की सभी परीक्षाओं को स्थगित करने की भी घोषणा की है। जम्मू संभाग में भारी बारिश के कारण वर्षाजनित घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई और 24 से अधिक घर एवं पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जम्मू में लगभग सभी जलाशय खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं, जिससे शहर और अन्य स्थानों पर कई निचले इलाकों व सड़कों पर जलभराव हो गया है।

माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर भूस्खलन से पांच लोगों की मौत

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश की वजह से रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले रास्ते पर मंगलवार अपराह्न भूस्खलन हुआ जिसकी चपेट में आने से कम से पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 14 अन्य घायल हुए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक कई लोगों के मलबे में दबे होने की भी आशंका है। माता वैष्णो देवी के भवन तक जाने की तीर्थयात्रा उस समय स्थगित कर दी गई, जब अपराह्न करीब तीन बजे पहाड़ की ढलानें ढह गईं और पत्थर, शिलाखंड और चट्टानें तेजी से नीचे गिरने लगीं। अचानक आई आपदा से श्रद्धालु चपेट में आ गए।

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और बाढ़ ने मचाई तबाही

हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने से दुकानें बह गईं, इमारतें ढह गईं, राजमार्गों से संपर्क टूट गया और आवासीय इलाके जलमग्न हो गए। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, मंगलवार सुबह तक राज्य में कुल 690 सड़कें बंद थीं। उसके अनुसार बंद सड़कों में से 320 मंडी जिले में और 132 कुल्लू में स्थित हैं। स्थानीय मौसम विभाग ने मंगलवार को कांगड़ा, चंबा और मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए 'रेड' अलर्ट जारी किया है। विभाग ने शुक्रवार को मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में तथा शनिवार को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का 'ऑरेंज' अलर्ट भी जारी किया है। मंगलवार तड़के कुल्लू जिले के मनाली में ब्यास नदी की तेज धाराएं एक बहुमंजिला होटल और चार दुकानों को बहा ले गईं। नदी में उफान के कारण पानी मनाली के अलू मैदान में घुस गया, जबकि चंडीगढ़ और मनाली को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया। उफनती ब्यास नदी के पानी में मनाली-लेह राजमार्ग का लगभग 200 मीटर हिस्सा बह गया, जिससे मार्ग बंद हो गया और पर्यटक फंस गए। कुल्लू शहर को जोड़ने वाली मनाली की दाहिने ओर की सड़क पर भी स्थिति गंभीर है। राष्ट्रीय राजमार्ग के दो बड़े हिस्से बह गए, जबकि मनाली से बुरुआ जाने वाली सड़क भी ओल्ड मनाली के पास बह गई। एसईओसी के अनुसार, 20 जून से 25 अगस्त के बीच हिमाचल प्रदेश में बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम 156 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 38 लापता हैं। एसईओसी के आंकड़े से पता चला है कि राज्य में अब तक अचानक बाढ़ की 78 घटनाएं, बादल फटने की 41 घटनाएं और 82 बड़े भूस्खलन हुए हैं। इसके अनुसार बारिश से संबंधित घटनाओं में 2,394 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

पंजाब में उफान पर नदियां, स्कूल बंद

पंजाब के विभिन्न हिस्सों में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कपूरथला जिले में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। जबकि फिरोजपुर में लोगों ने विशेष रूप से नदी क्षेत्रों के किनारे बसे गांवों को खाली करना शुरू कर दिया है। पौंग और भाखड़ा बांधों से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने तथा भारी बारिश होने के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों समेत बरसाती नदी-नालों का जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। लगातार बारिश तथा उफनती ब्यास नदी के कारण बड़े पैमाने पर कृषि भूमि जलमग्न हो जाने से कपूरथला जिले के कई गांवों में बाढ़ की स्थिति मंगलवार को और भी बिगड़ गई। फिरोजपुर जिले में बारिश के कारण हरिके से हुसैनीवाला तक जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका पैदा हो गई। कालूवाला, टेंडी वाला, चांदीवाला, गट्टी राजो के, नवी गट्टी राजो के, बस्ती रहीम के और अन्य गांवों के कई लोगों ने अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है, जबकि कई लोगों ने इसे अपने घरों की छतों पर रख लिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को भारी बारिश के पूर्वानुमान के मद्देनजर 27 से 30 अगस्त के बीच राज्य के सभी स्कूल बंद रखने की घोषणा की।

ओडिशा में 170 से अधिक गांव जलमग्न

उत्तरी ओडिशा के बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों के 170 से अधिक गांव मंगलवार को लगातार दूसरे दिन बाढ़ के पानी में डूबे रहे, जबकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बंगाल की खाड़ी में नये निम्न दबाव क्षेत्र के कारण अगले कुछ दिनों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। सुवर्णरेखा नदी के पानी से बलियापाल, भोगराई और जलेश्वर के तीन ब्लॉक के 130 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि जाजपुर के लगभग 45 गांव बैतरणी नदी के पानी से घिरे हुए हैं। भद्रक जिले के धामनगर और भंडारीपोखरी ब्लॉक भी प्रभावित हैं। अधिकारियों ने बताया कि क्योंझर और सुंदरगढ़ जिलों के कुछ गांव भी बाढ़ प्रभावित हैं। ओडिशा के गंजाम जिले में मंगलवार को आकाशीय बिजली गिरने से तीन महिलाओं की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि छतरपुर थाना क्षेत्र के साराभीमपुर में दोपहर को यह घटना हुई।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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