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राहुल गांधी AAP को देंगे वोट और अरविंद केजरीवाल कांग्रेस के लिए करेंगे मतदान, राघव चड्ढा की भविष्यवाणी; समझें मायने

Lok Sabha Election: क्या आप ये जानते हैं कि इस बार कांग्रेस के दिग्गज और गांधी परिवार के सदस्य आप आदमी पार्टी को वोट देंगे और अरविंद केजरीवाल और उनका परिवार के सदस्य कांग्रेस के लिए मतदान करेंगे। इस समीकरण को लेकर आप से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का बयान सामने आया है।

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अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी।

Photo : Times Now Digital

Election News: दिल्ली की सभी 7 लोकसभा सीटों के लिए आगामी 25 मई को लोकसभा चुनाव होंगे। इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दिल्ली की सीटों पर एकसाथ चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में हर बार की तुलना में इस बार का समीकरण बिल्कुल अलग होगा। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा इस बार अपनी कांग्रेस पार्टी को वोट नहीं दे सकेंगे। इसके अलावा अरविंद केजरीवाल भी इस बार आम आदमी पार्टी के लिए वोट नहीं डाल पाएंगे।

राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल किसे देंगे वोट?

सवाल ये है कि यदि राहुल गांधी अपनी पार्टी कांग्रेस के लिए वोट नहीं डाल पाएंगे और अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के लिए मतदान नहीं कर सकेंगे तो वो किसे वोट देंगे। जवाब ये है कि इस बार गांधी परिवार के सदस्य कांग्रेस की बजाय AAP को वोट देने के लिए मजबूर होंगे। दरअसल, दिल्ली की सात सीटों के लिए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच हुए समझौते के तहत जिस सीट से राहुल को वोट डालना है, वहां आप उम्मीदवार मैदान में हैं, वहीं जहां से केजरीवाल को वोट डालना है वो सीट कांग्रेस के खाते में गई है। यानी इतिहास में पहली बार ऐसा होगा कि खुद गांधी परिवार के सदस्य कांग्रेस के बजाय आप को वोट देने के लिए मजबूर होंगे।

वोंटिंग को लेकर क्या बोले राज्यसभा सासंद राघव चड्ढा?

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने इस लोकसभा चुनाव में अपनी पहली जनसभा में कहा कि जब राष्ट्रीय राजधानी में चुनाव होंगे तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कांग्रेस के लिए मतदान करेंगे और राहुल गांधी आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी को वोट देंगे। ब्रिटेन से आंख की सर्जरी कराके भारत लौटने के बाद राघव चड्ढा ने पहली बार जनसभा को संबोधित किया। दक्षिण दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में अपनी पार्टी के उम्मीदवार सहीराम पहलवान के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए चड्ढा ने कहा, 'मैं यहां अपने भाई का समर्थन करने आया हूं, सिर्फ इसलिए नहीं कि वह एक अच्छे इंसान हैं, बल्कि इसलिए भी कि यह चुनाव देश और संविधान को बचाने के लिए है।'

बिजली, दवा, पानी, स्कूल के मुद्दे को दिया तूल

राज्यसभा सदस्य ने जनसभा में कहा कि आपके मतदान पर ही आपके बच्चों का भविष्य निर्भर करता है। केजरीवाल को गिरफ्तार किए जाने के बाद लंबे समय तक राघव चड्ढा की अनुपस्थिति के सवालों पर 'आप' नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि चड्ढा को आंख की गंभीर बीमारी हो गई है और इससे उनकी आंखों की रोशनी भी जा सकती है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यालय पर 'आप' द्वारा किए गए विरोध-प्रदर्शन में भी राघव मौजूद थे। राघव चड्ढा ने कहा, 'जब से ‘आप’ ने दिल्ली की सत्ता संभाली है तो यहां के लोगों ने बिजली, दवा, पानी, स्कूल फीस पर प्रति माह लगभग 18,000 रुपये की बचत की है और महिलाओं के बस किराये के खर्च में भी बचत हुई है।'

पिछली बार रमेश बिधूड़ी से हार गए थे राघव चड्ढा

राघव चड्ढा ने कहा कि 'इसके बदले में हम केवल आपका वोट मांग रहे हैं।' आप नेता ने कहा, '25 तारीख को 'झाड़ू' (आप का चुनाव चिह्न) का बटन दबाएं और केजरीवाल का समर्थन करें। जब राहुल गांधी 25 मई को मतदान करेंगे तो वह आप उम्मीदवार को वोट देंगे और झाड़ू चिह्न दबाएंगे। इसी तरह, जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे तो वह कांग्रेस को वोट देंगे।'

पिछले लोकसभा चुनाव में चड्ढा ने दक्षिण दिल्ली सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह भाजपा के रमेश बिधूड़ी से हार गए थे। चड्ढा ने कांग्रेस-आप गठबंधन की जीत का दावा करते हुए कहा, 'मुझे विश्वास है कि इस बार हम दक्षिण दिल्ली में सबसे ज्यादा वोटों से जीतेंगे।' दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीट पर 25 मई को मतदान होगा।

(इनपुट एजेंसी)

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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