Rahul Gandhi in Bhopal: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते पार्टी रणनीति का खुलासा किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि तीन तरह के घोड़े होते हैं। एक होता है बारात का घोड़ा, दूसरा होता है रेस का घोड़ा और तीसरा होता है लंगड़ा घोड़ा। हमें बारात वाले घोड़े को बारात में, रेस वाले घोड़े को रेस में और लंगड़े घोड़े को रिटायर करना है। लंगड़े घोड़े को बाकी घोड़ों के लिए परेशानी खड़ी नहीं करनी चाहिए। अगर वे ऐसा करते हैं तो उनके खिलाफ पार्टी कार्रवाई करेगी।
हमें लंगड़े घोड़े को रिटायर करना है-राहुल
राहुल ने कहा, 'जिलाध्यक्ष यहां आए हैं। इनमें से कुछ लोग ऐसे हैं जो पुरी ताकत और निष्ठा से कांग्रेस की सेवा करना चाहते हैं। कुछ ऐसे भी होंगे जो थोड़े थक गए होंगे या जिनका मनोदशा ठीक नहीं होगी। ऐसे लोग बहुत ज्यादा तनाव लेते हैं। अब हमें रेस वाले घोड़े और बारात के घोड़े के बीच फर्क करना है। एक कैटगरी लंगड़े घोड़े की भी है। हमें इन्हें भी अलग करना है। हमें लगड़े घोड़े को रिटायर करना है ताकि बदलाव लाया जा सके।'
1971 के युद्ध में इंदिरा गांधी नहीं झुकीं-राहुल
इससे पहले राहुल आरोप लगाया कि भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फोन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘आत्मसमर्पण’ कर दिया। उन्होंने कहा कि 1971 के युद्ध में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी नहीं झुकीं, जबकि अमेरिका ने अपना सातवां बेड़ा भेजा था। उन्होंने यहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पार्टी के ‘संगठन सृजन अभियान’ की शुरुआत करने के बाद ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘ट्रंप का एक फोन आया और नरेन्द्र (मोदी) जी ने तुरंत आत्मसमर्पण कर दिया- इतिहास गवाह है। यही भाजपा-आरएसएस का चरित्र है, ये हमेशा झुकते हैं।’
'वे डर के मारे भाग जाते हैं'
राहुल ने कहा, ‘भारत ने 1971 में अमेरिका की धमकी के बावजूद पाकिस्तान को तोड़ा था। कांग्रेस के बब्बर शेर और शेरनियां ‘सुपरपावर्स’ से लड़ते हैं, कभी झुकते नहीं।’ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वह भाजपा-आरएसएस के लोगों को अच्छी तरह से जानते हैं। उन्होंने कहा, ‘यदि आप थोड़ा भी दबाव डालते हैं और उन्हें (भाजपा-आरएसएस) को थोड़ा सा धक्का देते हैं, तो वे डर के मारे भाग जाते हैं।’ उन्होंने कहा कि 1971 के युद्ध के दौरान कोई फोन नहीं आया था, भले ही सातवां बेड़ा, हथियार और एक विमान वाहक आ गया, लेकिन इंदिरा गांधी ने आत्मसमर्पण नहीं किया और कहा कि वह जो चाहती हैं वह करेंगी। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘गांधी (महात्मा), नेहरू (जवाहरलाल) और पटेल (वल्लभ भाई) ने कभी आत्मसमर्पण नहीं किया, उन्होंने महाशक्तियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।’
