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राजकोट अग्निकांड में 24 की मौत: हादसे पर PM Modi ने जताया दुख, गुजरात सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान

Rajkot Fire: पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया, 'राजकोट में आग लगने की घटना से बेहद व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। घायलों के लिए प्रार्थना। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रहा है।'

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Rajkot fire

Rajkot Fire: राजकोट के टीआरपी गेमिंग जोन में लगी आग की घटना में करीब 24 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें 15 से 16 बच्चे शामिल हैं। इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने कहा, स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रहा है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया, 'राजकोट में आग लगने की घटना से बेहद व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। घायलों के लिए प्रार्थना। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रहा है।'

वहीं, गुजरात सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल ने बताया कि राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देगी। इस मामले की जांच के लिए उन्होंने एसआईटी गठित करने के भी निर्देश दि हैं। बता दें, टीआरपी गेमिंग जोन में शनिवार शाम करीब सवा चार बजे आग लग गई थी।

अमित शाह ने की गुजरात सीएम से बात

राजकोट हादसे पर गृहमंत्री अमित शाह ने गुजरात सीएम को फोन कर हादसे की जानकारी ली है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि राजकोट (गुजरात) के गेम जोन में हुए हादसे से मन अत्यंत दुःखी है। इस हादसे के संबंध में मैंने मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल जी से बात कर जानकारी ली है। प्रशासन राहत व बचाव कार्य के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है और घायलों को इलाज प्रदान करवा रहा है। इस दुःखद हादसे में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

बिना एनओसी चल रहा था गेमिंग जोन

पुलिस ने इस हादसे में अब तक गेमिंग जोन के मालिक युवराज सिंह सोलंकी को गिरफ्तार किया है। उसके तीन और पार्टनर्स की पुलिस को तलाश है।

बताया जा रहा है गेम जोन के पीछे के हिस्से में रेनोवेशन का काम चल रहा था, दो दिन पहले भी शॉर्ट सर्किट हुआ था। इसके बाद गेम जोन बंद था, आज फिर जब खुला तो इतनी बड़ी आग लग गई। सूत्र ये भी बता रहे है की गेम जोन चालू करने के पहले राजकोट म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से NoC नहींं लिया गया था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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