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'स्वामित्व योजना' के तहत जमीन मालिकों को बांटे 65 लाख से ज्यादा संपत्ति कार्ड, जानें पीएम मोदी का पूरा प्लान

Swamitva Yojana: पीएम मोदी आज 'स्वामित्व योजना' के तहत जमीन मालिकों को 65 लाख से ज्यादा संपत्ति कार्ड वितरित करेंगे। अब तक 1.53 लाख से अधिक गांवों के लिए लगभग 2.25 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। आपको बताते हैं कि आज कितने बजे संपत्ति कार्ड का वितरण पीएम मोदी द्वारा किया जाएगा।

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पीएम मोदी।

Photo : Twitter

PM Modi will Distribute Property Cards: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति मालिकों को लाखों संपत्ति कार्ड वितरित किेए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति कार्डों का वितरण किया और वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से लाभार्थियों से बातचीत की। आज 65 लाख कार्ड वितरित किए जाने के बाद अब गांवों में लगभग 2.24 करोड़ लोगों के पास स्वामित्व संपत्ति कार्ड होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि संपत्ति अधिकार दुनिया भर में एक बड़ी चुनौती, संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि गरीबी उन्मूलन के लिए संपत्ति अधिकार महत्वपूर्ण है।

पीएम मोदी ने 10 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 230 से ज्यादा जिलों के 50 हजार से अधिक गांवों में संपत्ति मालिकों को स्वामित्व योजना के तहत 65 लाख से ज्यादा संपत्ति कार्ड वितरित किए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संपत्ति मालिकों को मिलेगा संपत्ति कार्ड

पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, "स्वामित्व योजना के तहत देशभर के ग्रामीण इलाकों के मेरे भाई-बहनों को उनकी जमीन का मालिकाना हक मिले, इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इसी दिशा में शनिवार दोपहर लगभग 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संपत्ति मालिकों को लाखों संपत्ति कार्ड सौंपने का सौभाग्य मिलेगा।"

पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वामित्व योजना की शुरुआत गांवों में बसे हुए क्षेत्रों में घरों के मालिक परिवारों को सर्वेक्षण से संबंधित ड्रोन तकनीक के माध्यम से 'अधिकारों का रिकॉर्ड' प्रदान करके ग्रामीण भारत की आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाने की दृष्टि से की थी।

अब तक 1.53 लाख से अधिक गांवों के लिए करीब 2.25 करोड़ संपत्ति कार्ड

स्वामित्व योजना संपत्तियों के मुद्रीकरण एवं बैंक ऋण के माध्यम से संस्थागत ऋण को संभव बनाने; संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने; ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों व संपत्ति टैक्स के बेहतर आकलन की सुविधा प्रदान करने और ग्राम-स्तर की व्यापक योजना के निर्माण में भी मदद करती है।

कुल 3.17 लाख से अधिक गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जिसमें लक्षित गांवों का 92 प्रतिशत हिस्सा शामिल है। अब तक 1.53 लाख से अधिक गांवों के लिए लगभग 2.25 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। इस योजना ने पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, त्रिपुरा, गोवा, उत्तराखंड और हरियाणा में पूर्ण संतृप्ति हासिल कर ली है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ-साथ कई केंद्र शासित प्रदेशों में भी ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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