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'अगले साल इसी लाल किले से...', PM Modi ने 2024 चुनाव को लेकर कर दिया बड़ा दावा, जानिए क्या-क्या कहा?

  • Produced by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 15, 2023, 09:26 AM IST

PM Modi Speech: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आपने 2014 और 2019 में एक पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार बनाई तो मोदी में सुधार की हिम्मत आई। उन्होंने कहा, जब आपने एक मजबूत सरकार 'फार्म' (गठित) की तो मोदी ने 'रिफॉर्म' (सुधार) किया और नौकरशाही ने 'परफॉर्म' (अच्छा काम) किया तथा जनता जुड़ गई तो 'ट्रांसफार्म' (बदलाव) हुआ।

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पीएम मोदी

Photo : Twitter

PM Modi Speech: लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव का रोडमैप भी दिखाई दिया। उन्होंने अपने भाषण में सरकारी योजनाओं का जिक्र किया तो विपक्ष का नाम न लेते हुए भी उस पर तंज कसा। पीएम मोदी ने अपने भाषण में स्थिर सरकार, भ्रष्टाचार, परिवारवाद, तुष्टीकरण जैसे मुद्दों को बार-बार उठाया।

पीएम मोदी ने कहा, देश में एक स्थिर सरकार चाहिए, पूर्ण बहुमत वाली सरकार चाहिए और 30 साल के अनिश्चितता के कालखंड के बाद देश के लोगों ने एक स्थिर सरकार दी। 2014 और 2019 में एक पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार बनाई तो मोदी में सुधार की हिम्मत आई। उन्होंने कहा, जब आपने एक मजबूत सरकार 'फार्म' (गठित) की तो मोदी ने 'रिफॉर्म' (सुधार) किया और नौकरशाही ने 'परफॉर्म' (अच्छा काम) किया तथा जनता जुड़ गई तो 'ट्रांसफार्म' (बदलाव) हुआ।

आने वाले 5 साल सबसे अहम

पीएम मोदी ने कहा, आने वाले 5 साल सबसे अहम हैं। आने वाले 5 साल अभूतपूर्ण विकास हैं। 2047 के सपने को साकार करने के लिए अगले 5 साल स्वर्णिम वर्ष के होंगे। अगली बार 15 अगस्त को इसी लाल किले से देश की उपलब्धियों और विकास को आपके सामने रखूंगा। उन्होंने कहा, मुझे सपने आप के आते हैं। मैं पसीना आपके लिए बहाता हूं। ऐसा इसलिए करता हूं, क्योंकि मैं आपका परिवारजन हूं। आपके सपने को टूटने नहीं दे सकता। यह मोदी की गारंटी है कि भारत अगले 5 वर्षों में दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बनाएगा।

2014 में वादा किया था कि परिवर्तन लाऊंगा

पीएम मोदी ने कहा, 2014 में मैने आपसे वादा किया था कि परिवर्तन लाऊंगा। रिफॉर्म, परफार्म, ट्रांसफार्म के द्वारा मैंने इस वादे को विश्वास में बदल दिया है। उन्होंने कहा, मैंने कठोर परिश्रम किया है, देश के लिए किया है और शान से किया है। 2019 में परररमेंस के आधार पर आपने मुझे दोबारा मौका दिया। उन्होंने कहा, 2014 में हम वैश्विक अर्थव्यस्था में 10वें नंबर पर थे और आज 140 करोड़ देशवासियों का पुरूषार्थ रंग लाया है और हम विश्व की 5वीं अर्थव्यस्था बन चुके हैं। ये ऐसे ही नहीं हुआ है, लीकेज को हमने बंद किया, मजबूत अर्थव्यस्था बनाई, हमने गरीब कल्याण के लिए ज्यादा से ज्यादा धन खर्च करने का प्रयास किया। आज भारत पुरानी सोच, पुराने ढर्रे को छोड़ करके, लक्ष्यों को तय करके, लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए चल रहा है।

विपक्ष पर कसा तंज

पीएम मोदी ने विपक्ष की पार्टियों का नाम न लेते हुए भी उन पर तंज कसा। उन्होंने कहा, 25 साल से देश में चर्चा चल रही थी कि नया संसद भवन बनेगा। यह मोदी है जिसने समय के पहले संसद बनाकर रख दिया। यह एक ऐसी सरकार है जो काम करती है, जो निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करती है। ये नया भारत है। यह एक ऐसा भारत है जो आत्मविश्वास से भरा है...ये भारत ना रुकता है, ना थकता है, ना हंफ्ता है और ना ही हारता है। उन्होंने कहा, जिसका शिलान्यास हमारी सरकार करती है, उसका उद्घाटन भी हम अपने कालखंड में ही करते हैं। उन्होंने कहा, इस बार जो शिलान्यास कर रहा हूं, उसके उद्घाटन भी मेरे ही नसीब में है। इस दौरान उन्होंने परिवारवाद और तुष्टीकरण पर भी विपक्ष पर तंज कसा। उन्होंने कहा, आज परिवारवाद और तुष्टीकरण ने हमारे देश को बर्बाद कर दिया है। किसी राजनीतिक दल का प्रभारी केवल एक ही परिवार कैसे हो सकता है? उनके लिए उनका जीवन मंत्र है- परिवार की पार्टी, परिवार द्वारा और परिवार के लिए..। उन्होंने कहा, परिवारवाद पार्टियों से देश परेशान है। भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति ने सामाजिक न्याय को मौत के घाट उतार दिया।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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