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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "ट्रुथ सोशल" से जुड़े पीएम मोदी; अपने पहले पोस्ट में शेयर की राष्ट्रपति ट्रंप के साथ की तस्वीर

PM Modi Joins Truth Social: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप’ के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल से जुड़े। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी के पॉडकास्ट को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया था। जिसके बाद पीएम मोदी ने ट्रुथ सोशल पर अपना पहला पोस्ट साझा किया।

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ट्रुथ सोशल से जुड़े पीएम मोदी।

Modi-Trump's Friendship: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप’ के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "ट्रुथ सोशल" पर आ गए हैं। ट्रुथ सोशल से जुड़ते ही पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ एक तस्वीर साझा की है। मोदी ‘ट्रुथ सोशल’ से ऐसे दिन जुड़े, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेक्स फ्रीडमैन के साथ उनके (मोदी के) पॉडकास्ट को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया।

"ट्रुथ सोशल" से जुड़ते ही क्या बोले पीएम मोदी?

पीएम मोदी ट्रंप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "ट्रुथ सोशल" से जुड़े। इसमें पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के हाउडी मोदी डायस्पोरा कार्यक्रम की पहली तस्वीर थी। अपने पहले पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा कि 'ट्रुथ सोशल पर आकर बहुत खुशी हुई! आने वाले समय में यहां मौजूद सभी जोशीले लोगों से बातचीत करने और सार्थक बातचीत में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं।'

Modi Joins Truth Social.

ट्रुथ सोशल से जुड़े पीएम मोदी।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर शेयर किया था पीएम मोदी का पॉडकास्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार सुबह (भारतीय समयानुसार) अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीब तीन घंटे का लंबा पॉडकास्ट शेयर किया। अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ उनका यह पॉडकास्ट चर्चा का विषय बना हुआ है। बातचीत के दौरान, पीएम मोदी ने ट्रंप के साथ अपने सौहार्दपूर्ण संबंधों के बारे में बात की। उन्होंने ट्रंप की 'विनम्रता' की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्रंप अपने पहले कार्यकाल की तुलना में दूसरे कार्यकाल के लिए कहीं अधिक तैयार दिखाई दिए।

ट्रंप के बारे में पॉडकास्ट में क्या बोले थे भारतीय प्रधानमंत्री?

पीएम मोदी ने हाल ही में हत्या के प्रयास के बाद भी ट्रंप के दृढ़ संकल्प और अमेरिका के प्रति उनके अटूट समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "गोली लगने के बाद भी वह अमेरिका के प्रति अडिग रहे। उनका जीवन उनके देश के लिए था। इससे उनकी अमेरिका फर्स्ट भावना का पता चलता है, ठीक वैसे ही जैसे मैं राष्ट्र प्रथम - भारत प्रथम में विश्वास करता हूं।"

प्रधानमंत्री ने 2019 में 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम को याद करते हुए कहा कि ट्रंप ने दर्शकों के बीच बैठना चुना और इसे उनकी विनम्रता का प्रमाण बताया। व्हाइट हाउस की अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे ट्रंप प्रोटोकॉल तोड़कर व्यक्तिगत रूप से उन्हें राष्ट्रपति निवास के दौरे पर ले गए।

एलन मस्क के साथ अपने संबंधों के बारे में भी बोले पीएम मोदी

उनसे जब ट्रंप की पिछली टिप्पणी के बारे में पूछा गया कि पीएम मोदी बेहतर वार्ताकार हैं, तो प्रधानमंत्री ने इसका श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति की शालीनता और विनम्रता को दिया। पीएम मोदी ने कहा, "उनके दिमाग में एक स्पष्ट रोडमैप है, जिसमें अच्छी तरह से परिभाषित कदम शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक को लक्ष्यों की ओर ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है।" उन्होंने कहा कि वार्ता के लिए उनका अपना दृष्टिकोण हमेशा भारत के हितों से प्रेरित होता है।

चर्चा को आगे बढ़ाते हुए, पीएम मोदी ने टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क के साथ अपने पुराने संबंधों को भी याद किया, जो गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल से जारी है। उन्होंने अपनी हालिया मुलाकात को गर्मजोशी और पारिवारिक बताया, जिसमें डीओजीई (सरकारी दक्षता विभाग) के लिए मस्क के उत्साह का उल्लेख किया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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