ईरान-इजराइल युद्ध (Iran-Israel conflict) के बीच कई देशों में ईधन को लेकर अस्थिरता का माहौल है। भारत में भी पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कमी को लेकर अफवाहें फैलने लगी हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन और एलपीजी की सप्लाई सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। गुरुवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय Ministry of Petroleum and Natural Gas ने पेट्रोल, डीज़ल, एलपीजी और PNG को लेकर फैल रही अफवाहों पर बड़ा बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। मंत्रालय ने कहा कि पेट्रोल-डीज़ल का 60 दिनों का स्टॉक है और LPG की महीनेभर सप्लाई प्रभावित नहीं होगी, जबकि PNG की कहीं भी कोई कमी नहीं है और सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
मंत्रालय के अनुसार सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो और पोस्ट भ्रामक हैं, जिनका मकसद अनावश्यक घबराहट फैलाना है। लोगों से अपील की गई है कि केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
पेट्रोल-डीज़ल पर स्थिति साफ: न कमी, न राशनिंग
देशभर में 1 लाख से अधिक पेट्रोल पंप सामान्य रूप से खुले हैं। किसी भी पेट्रोल पंप को राशनिंग का निर्देश नहीं दिया गया है। कुछ जगहों पर भीड़ केवल अफवाहों के कारण हुई, लेकिन सभी उपभोक्ताओं को ईंधन मिला। तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों को अतिरिक्त क्रेडिट देकर सप्लाई और मजबूत की है। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पांचवां सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पाद निर्यातक है, इसलिए घरेलू उपलब्धता मजबूत बनी हुई है।
कच्चे तेल की सप्लाई भी सुरक्षित
भारत को 41 से अधिक देशों से कच्चा तेल मिल रहा है। रिफाइनरियां 100% से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं। अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। किसी भी प्रकार का सप्लाई गैप नहीं है।
- 60 दिन का रिजर्व, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
- देश के पास कुल 74 दिन की भंडारण क्षमता है।
- वर्तमान में लगभग 60 दिन का वास्तविक स्टॉक उपलब्ध है।
- रणनीतिक भंडार और नियमित आपूर्ति मिलाकर अगले कई महीनों तक कोई चिंता नहीं।
- केवल 6 दिन का स्टॉक होने की खबर पूरी तरह गलत बताई गई है।
LPG पर भी कोई संकट नहीं
- घरेलू रिफाइनरियों में LPG उत्पादन 40% बढ़ाया गया।
- रोजाना 50 लाख सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है।
- अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों से 800 TMT LPG कार्गो रास्ते में हैं।
- एक महीने की आपूर्ति पहले से सुनिश्चित है।
- घबराहट में बुकिंग बढ़ी थी, अब मांग सामान्य हो गई है।
PNG को लेकर भी भ्रम दूर
- PNG को सस्ता, सुरक्षित और साफ ईंधन होने के कारण बढ़ावा दिया जा रहा है।
- यह कोई आपातकालीन कदम नहीं, बल्कि दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है।
- LPG खत्म होने की वजह से PNG को बढ़ावा देने की खबर गलत है।
- अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी
मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो, नकली दावे और गलत जानकारी फैलाकर लोगों में घबराहट पैदा की जा रही है। आवश्यक वस्तुओं को लेकर झूठी जानकारी फैलाना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की अपील
सरकार ने नागरिकों से कहा है कि घबराकर पेट्रोल या गैस की अतिरिक्त खरीदारी न करें और अफवाहों को आगे न बढ़ाएं। केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों पर भरोसा करें।
