LIVE

Waqf Amendment Bill: राज्यसभा में भी पारित हुआ वक्फ संशोधन विधेयक; जानें इससे जुड़ा हर अपडेट

Parliament Budget Session 2025, Waqf Bill In Rajya Sabha (वक्फ विधेयक संशोधन) : वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 राज्यसभा में पारित; विधेयक के पक्ष में 128 वोट, विधेयक के खिलाफ 95 वोट पड़े। लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद इसे आज राज्यसभा में पेश किया गया। जहां, विधेयक पास हो गया। संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू ने इस विधेयक को पेश किया। लोकसभा की तरह ही यहां भी इस विधेयक पर चर्चा हो रही है और फिर इसके बाद मत विभाजन हुआ। लोकसभा की तरह राज्यसभा में NDA और इंडिया ब्लॉक के बीच तीखी और गरमागर्म बहस देखने को मिली। वक्फ विधेयक के समर्थन में 288 और इसके खिलाफ 232 वोट पड़े। विपक्ष का दावा है कि इस विधेयक के जरिए सरकार वक्फ की संपत्तियों को छीनना चाहती है। एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार मुस्लिमों को 'दोयम दर्जे का नागरिक' बनाना चाहती है।

आलोक कुमार रावUpdated Apr 4, 2025, 06:21 IST
Follow on Google News
Waqf Bill In Rajya Sabha

Waqf Amendment Bill: राज्यसभा में भी पारित हुआ वक्फ संशोधन विधेयक; जानें इससे जुड़ा हर अपडेट

Parliament Budget Session 2025, Waqf Bill In Rajya Sabha (वक्फ विधेयक संशोधन) LIVE News in Hindi Updates: राज्यसभा ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2025 को पारित कर दिया है। विधेयक के पक्ष में 128 वोट जबकि विधेयक के खिलाफ 95 वोट पड़े। राज्यसभा में नंबर गेम की बात करें तो अभी इस उच्च सदन में कुल सदस्यों की संख्या 236 है। राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पास कराने के लिए सरकार को 119 सांसदों के समर्थन की जरूरत थी। मनोनीत और निर्दलीय सदस्यों को मिलाकर एनडीए का आंकड़ा 125 तक पहुंच जाता है। वहीं विपक्षी दलों की बात करें तो वहां उनकी 95 है। वहीं 16 सदस्य ऐसे हैं जिन पर सस्पेंस बना हुआ था। राज्यसभा से पारित होने पर यह विधेयक कानून बन जाएगा।

APR 04, 2025 02:43 IST

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 राज्यसभा में पारित

APR 04, 2025 02:43 IST

राज्यसभा में पास हुआ वक्फ संशोधन विधेयक; जानिए पक्ष और विरोध में कितने वोट पड़े

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 राज्यसभा में पारित; विधेयक के पक्ष में 128 वोट, विधेयक के खिलाफ 95 वोट पड़े।
APR 04, 2025 01:58 IST

विपक्ष के लाए संशोधन पर राज्य सभा में मतदान की प्रक्रिया चल रही है

APR 04, 2025 01:23 IST

वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दिया जवाब

राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है और वैधानिक निकाय में केवल मुसलमानों को ही क्यों शामिल किया जाना चाहिए? अगर हिंदू और मुसलमानों के बीच कोई विवाद है, तो उस विवाद का समाधान कैसे होगा?...वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों के साथ भी विवाद हो सकते हैं...वैधानिक निकाय धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए और सभी धर्मों के लोगों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए।"
APR 03, 2025 23:29 IST

वक्फ संशोधन विधेयक को राजनीतिक फायदे के लिए हथियार बनाया जा रहा है: खड़गे

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को कहा कि वह पूर्ण विश्वास और स्पष्टता के साथ इस विधेयक का विरोध करते हैं। सदन में नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने कहा कि यह वक्फ विधेयक कोई सामान्य कानून नहीं है। इस कानून को राजनीतिक फायदे के लिए हथियार बनाया जा रहा है। यह देश की विविधता को सुनियोजित तरीके से कमजोर करने के लिए मोदी सरकार द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है। लोकसभा में देर रात यह विधेयक पारित हुआ तो इसके पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े। इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि विभिन्न दलों के विरोध के बाद भी मनमानी से यह विधेयक लाया गया। खड़गे ने कहा कि बीजेपी सरकार अल्पसंख्यकों के कल्याण की काफी बात कर रही है। सशक्तिकरण की बातें हो रही हैं। लेकिन सच्चाई सरकार के पांच साल के अल्पसंख्यक विभाग के बजट आवंटन से साफ है। वित्त वर्ष 2019-20 में इस विभाग का बजट आवंटन 4,700 करोड़ रुपये था जो घटकर 2023-24 में 2,608 करोड़ रह गया। वित्त वर्ष 2022-23 में बजट आवंटन 2,612 करोड़ रुपये था, जिसमें से 1,775 करोड़ रुपये का खर्च मंत्रालय नहीं कर पाया। कुल मिलाकर पांच साल में बजट मिला 18,274 करोड़ रुपये, जिसमें से 3,574 करोड़ खर्च नहीं हो पाए। उन्होंने बताया कि 2020 से भारत सरकार ने मौलाना आजाद फेलोशिप, निःशुल्क कोचिंग, यूपीएससी और राज्य आयोगों में तैयारी के लिए अल्पसंख्यक छात्रों की सहायता की योजना बंद कर दी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 1954 और 1995 में इसकी कानूनी पहल हुई। साल 2013 में राज्य वक्फ बोर्डों की मजबूती के लिए अधिनियम में संशोधन हुआ। यूपीए के दौरान 2013 में केंद्रीय वक्फ में दो मुस्लिम महिलाओं को शामिल करने का प्रावधान रखा गया था। खुद बीजेपी ने दोनों समय, 1995 और 2013 में इन बिलों का समर्थन किया था। साल 1995 में राज्यसभा में सिकंदर बख्त और लोकसभा में भी भाजपा नेताओं ने अपनी बात रखते हुए समर्थन किया था।
APR 03, 2025 23:29 IST

'संविधान चलेगा, मजहबी फरमान नहीं', राज्यसभा में वक्फ बिल पर गरजे सुधांशु त्रिवेदी

राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान गुरुवार को भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी विपक्ष पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को तैयार करने में पूरी गंभीरता से काम किया गया है, लेकिन इसके प्रावधानों को लेकर कुछ लोग गलतफहमी फैला रहे हैं। सुधांशु त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कहा, "नया मुल्ला प्याज ज्यादा खाता है, लेकिन यहां तो पुराना मुल्ला ज्यादा माल खा रहा है।" उन्होंने सवाल उठाया कि देश में सुन्नी वक्फ बोर्ड और शिया वक्फ बोर्ड अलग-अलग क्यों हैं? इतना ही नहीं, ताज महल तक पर वक्फ बोर्ड ने दावा ठोक दिया। भाजपा नेता ने कहा कि सरकार मुस्लिम समाज के कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "यह मुकाबला उन लोगों के बीच है जो समाज के विकास में विश्वास रखते हैं और उन लोगों के बीच जो सिर्फ अपना हित साधते हैं। हमारी सरकार गरीब मुस्लिम समाज के साथ है, न कि कट्टरपंथी वोटबैंक की राजनीति करने वालों के साथ।" त्रिवेदी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग 'उम्मा' (इस्लामिक वैश्विक समुदाय) की अवधारणा को लेकर भ्रमित हैं और अब उनकी उम्मीदों पर पानी फिर रहा है। उन्होंने कहा, "अल्पसंख्यकों की बात करने वाले पहले उसे तौलते हैं और फिर अपने एजेंडे के हिसाब से काम करते हैं।" उन्होंने ऐसे लोगों की मानसिकता पर सवाल उठाया, "अगर वे न तो कानून को मानते हैं, न ही नियमों को, और न ही अदालतों के आदेशों को, तो इसका मतलब है कि वे खुद को किसी और ही दुनिया में मानते हैं।" भाजपा सदस्य ने कहा कि सरकार ने जो भी कदम उठाए हैं, वे संविधान के तहत और न्यायसंगत तरीके से लिए गए हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "ब्रिटिश हुकूमत के समय जब मुगलों से सारा हक छीन लिया गया था, तो अब अचानक गुजरात से लेकर लखनऊ तक वक्फ का मालिकाना हक कहां से आ गया?" उन्होंने कहा कि सूरत नगर निगम पर भी वक्फ का दावा किया गया है, जो यह दिखाता है कि पुरानी हुकूमतों के फरमान को संविधान से ऊपर रखने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, "जमींदारी उन्मूलन 1948 में हो गया था, फिर ये नए जमींदार कहां से आ गए? 2013 के एक्ट में इस तरह की व्यवस्था कर दी गई कि गरीबों की जमीन लेकर वक्फ को दे दी गई।" उन्होंने इसे विनोबा भावे के भूदान आंदोलन की जगह 'भू हड़प आंदोलन' करार दिया। सुधांशु त्रिवेदी ने उदाहरण देते हुए कहा, "क्या किसी ईसाई समुदाय ने कभी कहा कि इंडिया गेट या चर्च गेट उनका है? फिर वक्फ बोर्ड को इतनी विशेष शक्तियां क्यों दी गईं?" उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा किए गए संशोधन किसी धार्मिक फरमान के आधार पर नहीं, बल्कि संविधान के अनुरूप किए गए हैं। भाजपा नेता ने यह भी सवाल उठाया कि आज़ादी के समय किसी ने वक्फ बोर्ड की मांग नहीं की थी, फिर इसे क्यों और कैसे स्थापित किया गया? उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को मुख्यधारा में आने से कोई रोक नहीं सकता, लेकिन कुछ लोग इसे अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमारा देश बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान से चलेगा, किसी मजहबी फरमान से नहीं।" उनका मानना है कि सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों को समान अधिकार देना है, न कि किसी विशेष समूह को अनुचित लाभ पहुंचाना है।
APR 03, 2025 23:27 IST

भाजपा नीत केंद्र सरकार वक्फ संशोधन विधेयक वापस ले: टीवीके प्रमुख विजय

तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने लोकसभा द्वारा पारित वक्फ संशोधन विधेयक को ‘लोकतंत्र विरोधी’ करार देते हुए बृहस्पतिवार को इसे वापस लेने की मांग की। विजय ने कहा कि अगर यह मांग पूरी नहीं हुई, तो उनकी पार्टी ‘‘वक्फ अधिकारों के लिए मुसलमानों की कानूनी लड़ाई’’ में शामिल होगी। विजय ने एक बयान में आरोप लगाया कि संसद के निचले सदन में पारित विधेयक ने ‘‘एक बार फिर संविधान की गरिमा और धर्मनिरपेक्ष भारतीय लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।’’ उन्होंने भाजपा सरकार की ‘‘मुस्लिम विरोधी राजनीति’’ की भी निंदा की। विजय ने भाजपा पर ‘‘विभाजनकारी राजनीति’’ करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि क्या यह विधेयक मुसलमानों पर ‘‘मनोवैज्ञानिक हमला’’ नहीं है। उन्होंने विधेयक के समर्थन में भाजपा नीत केंद्र सरकार की दलीलों को खारिज कर दिया।
APR 03, 2025 23:26 IST

वक्फ (संशोधन) विधेयक पर अमित शाह की टिप्पणी पर लालू प्रसाद ने किया पलटवार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस तंज के एक दिन बाद कि वक्फ (संशोधन) विधेयक ने ‘‘राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद की इच्छाओं को पूरा किया है’’, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को पलटवार किया। शाह ने प्रसाद के 2013 के भाषण का हवाला देते हुए लोकसभा में यह टिप्पणी की थी। वर्ष 2013 में प्रसाद सदन के सदस्य थे और उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार द्वारा पेश किए गए वक्फ में ‘अधिक कड़े’ संशोधनों का आह्वान किया था। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) तत्कालीन संप्रग सरकार का हिस्सा था। प्रसाद ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर भाषण का एक छोटा वीडियो क्लिप साझा करते हुए ‘‘भाजपा और संघ के अज्ञानी मूर्खों’’ की आलोचना की, लेकिन शाह या किसी अन्य नेता का नाम लेने से परहेज किया। राजद प्रमुख ने लिखा, ‘‘मैंने वक्फ भूमि की सुरक्षा के लिए एक कठोर कानून की वकालत की थी, जिसे आप हड़पने की कोशिश कर रहे हैं।’’ प्रसाद पिछले सप्ताह वक्फ (संशोधन) विधेयक के विरोध में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा आयोजित धरने में शामिल हुए थे। राजद प्रमुख ने कहा, ‘‘मुझे इस बात का अफसोस है कि मैं ऐसे समय में संसद में नहीं हूं जब मुसलमानों, अन्य अल्पसंख्यकों और आम तौर पर गरीबों के अधिकारों और संविधान पर हमला हो रहा है। मैं इन लोगों के लिए अकेला ही काफी था।’’ प्रसाद का फिलहाल दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज चल रहा है। उन्हें चारा घोटाले के कई मामलों में दोषी करार दिया गया है। दोषसिद्धि के कारण उन पर चुनाव लड़ने पर रोक लगी हुई है। प्रसाद ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘‘सदन का सदस्य न होने के बावजूद आपके विचारों और चिंताओं में खुद को देखकर मुझे खुशी हुई। वैचारिक प्रतिबद्धता ही वह सब है जिसे मैंने अपने जीवन में अर्जित किया है।’’
APR 03, 2025 21:53 IST

वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या कहा?

APR 03, 2025 20:42 IST

जद(यू) नेता ने वक्फ विधेयक पर पार्टी के रुख को लेकर इस्तीफा दिया

जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता मोहम्मद कासिम अंसारी ने वक्फ (संशोधन) विधेयक का समर्थन करने के पार्टी के रुख की बृहस्पतिवार को आलोचना की। उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा भी दे दिया। जद (यू) अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे पत्र में अंसारी ने गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी के रुख ने उन लाखों भारतीय मुसलमानों का भरोसा तोड़ दिया है, जो मानते थे कि जद(यू) धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को कायम रखेगी। पत्र में अंसारी ने कहा, ‘‘हमारे जैसे लाखों भारतीय मुसलमानों को धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के एक सच्चे ध्वजवाहक के रूप में आप (नीतीश) पर अटूट विश्वास था। हालांकि, अब यह विश्वास टूट गया है। वक्फ संशोधन विधेयक पर जद (यू) द्वारा अपनाए गए रुख से लाखों समर्पित भारतीय मुसलमानों और कार्यकर्ताओं को गहरा सदमा लगा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम ललन सिंह द्वारा लोकसभा में दिए गए भाषण और इस विधेयक के समर्थन को लेकर बेहद निराश हैं।’’
APR 03, 2025 20:40 IST

जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर साधा निशाना, पूछा- 70 साल तक किसने मुस्लिम समुदाय को डर में रखा?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक का मूल उद्देश्य रिफॉर्म्स लाकर वक्फ की प्रॉपर्टी का उचित प्रबंधन करना है। उन्होंने कहा कि इस सदन के माध्यम से देश की जनता को बताना चाहता हूं कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलने वाली सरकार पूरी तरह से लोकतांत्रिक नियमों का पालन करके आगे बढ़ रही है। पढ़ें पूरी खबर
APR 03, 2025 20:39 IST

वक्फ संशोधन विधेयक में स्वायत्तता नहीं, सरकारी नियंत्रण है: अभिषेक मनु सिंघवी

कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि सरकार की मंशा वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 के जरिए वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता समाप्त कर सरकारी नियंत्रण स्थापित करना है। राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान सिंघवी ने कहा, "इस विधेयक में क्या ही स्वायत्तता बची है। इसमें सिर्फ सरकारी नियंत्रण बचा है।" उन्होंने कहा कि पुराने कानून में वक्फ बोर्ड के सीईओ का मुसलमान होना आवश्यक था। साथ ही, जिन दो व्यक्तियों के नाम बोर्ड देता था, उनमें से एक को नियुक्त करना आवश्यक था। वर्तमान विधेयक में ये प्रावधान शामिल नहीं हैं। कांग्रेस सांसद ने कर्नाटक हिंदू रिलिजियस इंस्टीट्यूशन चैरिटेबल एंडोमेंट एक्ट, माता वैष्णो देवी श्राइन एक्ट, जगन्नाथ मंदिर एक्ट, सिख गुरुद्वारा एक्ट और उत्तर प्रदेश काशी विश्वनाथ टेंपल एक्ट का उल्लेख करते हुए कहा, "मैं इस सम्मानित सभा से पूछना चाहूंगा कि क्या इनमें से एक में भी संबंधित समुदाय के अलावा किसी और को नॉमिनेट करने का अधिकार दिया गया है?"
APR 03, 2025 17:42 IST

वक्फ संशोधन विधेयक पर राज्यसभा में चर्चा शुरू

राज्यसभा ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2025 पर चर्चा शुरू की।
APR 03, 2025 17:14 IST

वक्फ़ विधेयक असंवैधानिक और अल्पसंख्यकों के हितों के खिलाफ: टीएमसी

राज्यसभा में बुधवार को तृणमूल कांग्रेस ने वक्फ़ संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि यह विधेयक संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करने के साथ ही राज्यों के अधिकारों को भी प्रभावित करता है। उच्च सदन में वक्फ़ संशोधन विधेयक, 2025 पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए तृणमूल कांग्रेस सदस्य मोहम्मद नदीमुल हक ने कहा कि यह विधेयक सिर्फ मुसलमानों से ही नहीं बल्कि पूरे देश से जुड़ा है और यह मौलिक अधिकारों का हनन भी करता है। उन्होंने इस विधेयक को गैर-जरूरी कदम बताया और कहा कि यह असंवैधानिक और अल्पसंख्यकों के हितों के खिलाफ है। हक ने कहा कि संविधान कोई किताब नहीं बल्कि देश को रास्ता दिखाने वाला है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक संघवाद की भावना के खिलाफ भी है और इसमें सुधारों के नाम पर परंपराओं को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के जरिए राज्यों के अधिकारी छीने जा रहे हैं। तृणमूल सदस्य ने कहा कि इस विधेयक के प्रावधानों से स्पष्ट है कि वक्फ मामलों में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ेगा और सरकारी अधिकारियों को व्यापक अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने इसे भेदभावकारी बताते हुए कहा कि कम से कम पांच साल तक मुस्लिम धर्म का अनुसरण करने वाले ही वक्फ के कामकाज से जुड़ सकेंगे। उन्होंने सवाल किया कि यह कौन तय करेगा कि अमुक व्यक्ति पांच साल से मुस्लिम धर्म का भलीभांति अनुसरण कर रहा है या नहीं। हक ने कहा कि इस विधेयक में संपत्ति के दस्तावेजों पर भी जोर दिया गया है लेकिन कई संपत्ति पीढ़ियों से हैं और मौखिक आधार पर दिए गए थे, वैसे मामलों में दस्तावेज कैसे उपलब्ध होंगे। उन्होंने विधेयक को सांस्कृतिक विद्वेष फैलाने वाला भी बताया और इस बात पर आपत्ति जतायी कि वक्फ बोर्ड और परिषद में गैर-मुस्लिम भी शामिल हो सकते हैं।
APR 03, 2025 16:58 IST

वक्फ संशोधन बिल के विरोध पर दिलीप जायसवाल का तंज

बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर गुरुवार को कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक का उद्देश्य कुशल प्रबंधन और संपत्तियों का दुरुपयोग रोकना है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि आज इसका लाभ गरीब मुसलमानों, पसमांदा मुसलमानों को नहीं मिल रहा था। बड़ी संपत्ति होने के बावजूद कुप्रबंधन के कारण आय में लगातार गिरावट आ रही थी। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव द्वारा इस विधेयक की आलोचना किए जाने पर भाजपा अध्यक्ष जायसवाल ने राजद अध्यक्ष लालू यादव के एक वायरल वीडियो को दिखाते हुए कहा कि लालू यादव ने वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए खुद एक कठोर कानून बनाने की मांग की थी। आज यह सरकार उनकी इच्छा की पूर्ति कर रही है। तेजस्वी यादव को इसके लिए अपने पिताजी से पूछना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज उनके पिताजी का नाम नहीं होता तो तेजस्वी यादव को कौन जानता? उनकी राजनीति की बुनियाद ही लालू यादव हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जायसवाल ने कहा कि छह अप्रैल को भाजपा के लोग रामनवमी भी मनाएंगे और पार्टी का स्थापना दिवस भी मनाएंगे। छह अप्रैल को पार्टी के सभी जिला कार्यालय भवन सजाए जाएंगे तथा प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस प्रदर्शनी में जनसंघ के दौर से लेकर भाजपा के संघर्षों और किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा मंडल कार्यालय से लेकर सभी कार्यकर्ताओं के घरों में पार्टी का झंडा लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस दिन हम सभी रामनवमी पर्व भी धूमधाम से मनाएंगे। आठ और नौ अप्रैल को सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें 1.57 लाख से अधिक सक्रिय सदस्य भाग लेंगे। 10 अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच 'गांव-बस्ती चलो अभियान' चलाया जाएगा। इसमें सभी निर्वाचित प्रतिनिधि भाग लेंगे।
APR 03, 2025 16:57 IST

वक्फ संशोधन विधेयक से गरीब मुसलमानों को लाभ होगा: विजयवर्गीय

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि यह विधेयक गरीब मुसलमानों के लिए लाभकारी है। मंत्री विजयवर्गीय ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड कुछ भूमाफियाओं के शिकंजे में था, जिससे सरकार ने निकाला है। इससे सबसे ज्यादा लाभ गरीब तबके के मुसलमानों को होगा। वक्फ की वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि वक्फ बोर्ड में हजारों मुकदमे लंबित हैं, उनकी अपील दलील कहीं नहीं होती थी, कोर्ट में भी नहीं जा सकते थे। यह ऐसी स्थिति थी कि वे खुद ही साहूकार थे और खुद ही निर्णायक थे। नगरीय प्रशासन मंत्री विजयवर्गीय ने आगे कहा कि वक्फ बोर्ड में डेमोक्रेसी नहीं थी। स्वतंत्रता के 75 साल बाद पहली बार ऐसा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देता हूं कि यह जो परिवर्तन आया है, वह गरीब मुस्लिम भाइयों के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण कदम है। लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर हो रही चर्चा में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने हिस्सा नहीं लिया। इस सवाल पर विजयवर्गीय ने किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी। बीते रोज बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर आठ घंटे से ज्यादा चर्चा हुई थी और देर रात को मतदान हुआ। विधेयक के पक्ष में 288 सांसदों ने मतदान किया था, वहीं 232 सांसदों ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया था। इस विधेयक को लेकर एक तरफ सत्ता पक्ष था, तो दूसरी ओर कांग्रेस सहित अन्य दल। सरकार ने जहां इस विधेयक की खूबियां गिनाई, वहीं विरोधी दलों ने इसे मुस्लिम समाज का विरोधी करार दिया। दोनों ओर से सांसदों ने अपने पक्ष रखे और अंत में मतदान हुआ। परिणामस्वरूप यह विधेयक लोकसभा से पारित हो गया।
APR 03, 2025 16:56 IST

वक्फ बोर्ड कुछ लोगों की ‘जागीर' बन गया था- केशव मौर्य

राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के बीच उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बृहस्पतिवार को कहा कि वक्फ बोर्ड कुछ लोगों की ‘जागीर’ बन गया था। अपने गृह जनपद कौशांबी में नवरात्रि के अवसर पर शीतला माता का दर्शन पूजन करने के बाद मां शीतला अतिथि गृह में पत्रकारों से बातचीत में मौर्य ने कहा कि वर्तमान में वक्फ बोर्ड की जमीनों को लेकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है तथा नए कानून के तहत जमीन को जांच के बाद ही वक्फ की संपत्ति माना जाएगा और वक्फ बोर्ड की जमीनों की जांच जिला कलेक्टर की निगरानी में होगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा इस कानून (वक्फ संशोधन विधेयक) का विरोध मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले लोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता चाहने वाले लोग इसका समर्थन कर रहे हैं और यह कानून 90 प्रतिशत गरीब मुसलमानों के हित में है। मौर्य ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने अनुच्छेद 370, राम मंदिर और तीन तलाक रोधी कानून का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अनुच्छेद को 370 हटाया, राम मंदिर का निर्माण करवाया और मुस्लिम महिलाओं के हित में तीन तलाक कानून बनाया।
APR 03, 2025 16:56 IST

देश को बांटने के लिए वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश किया: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भाजपा ने देश को बांटने के लिए वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश किया है। उन्होंने संकल्प जताया कि मौजूदा सरकार के हटने पर नई केंद्र सरकार इसे निष्प्रभावी करने के लिए संशोधन विधेयक लाएगी। वक्फ (संशोधन) विधेयक 12 घंटे की लंबी बहस के बाद बृहस्पतिवार तड़के लोकसभा में पारित हो गया। बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब मौजूदा सरकार को हटाकर नई सरकार बनेगी तो हम भाजपा द्वारा लाए गए इस वक्फ विधेयक को निष्प्रभावी करने के लिए एक नया संशोधन लाएंगे।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा देश को बांटने के लिए यह वक्फ विधेयक लाई है।’’ बनर्जी ने बुधवार को एक बयान में भाजपा की उसके ‘‘विभाजनकारी एजेंडे’’ के लिए आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मेरे सांसद वक्फ मुद्दे पर बोलने के लिए दिल्ली में मौजूद हैं। ‘जुमला पार्टी’ का एक ही एजेंडा है - देश को बांटना। वे ‘फूट डालो और राज करो’ में विश्वास करते हैं।’’ सत्तारूढ़ राजग ने विधेयक का पुरजोर बचाव करते हुए इसे अल्पसंख्यकों के लिए लाभकारी बताया, जबकि विपक्षी दलों ने इसकी निंदा करते हुए इसे ‘‘मुस्लिम विरोधी’’ करार दिया है।
APR 03, 2025 15:47 IST

टीएमसी सांसद नदीमुल हक ने वक्फ संशोधन विधेयक पर क्या कहा?

वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर बोलते हुए टीएमसी सांसद नदीमुल हक ने कहा, "इस विधेयक में एक शर्त का उल्लेख है कि कोई व्यक्ति कम से कम 5 वर्षों तक इस्लाम का पालन करने के बाद ही वक्फ बना सकता है। मैं पूछना चाहता हूं - कौन प्रमाण पत्र देगा कि कोई व्यक्ति मुसलमान है? यह असंवैधानिक है और अनुच्छेद 14 के खिलाफ है।"
APR 03, 2025 14:37 IST

वक्फ बोर्ड पूरे भारत पर कर सकता था दावा- अनिल विज

वक्फ संशोधन विधेयक पर हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कहा कि ऐसा नहीं है कि इस विधेयक में पहली बार संशोधन किया गया है। 2013 में तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस सरकार ने वक्फ अधिनियम में संशोधन किया था। अगर यह कानून जारी रहता तो एक दिन वक्फ बोर्ड पूरे भारत पर दावा कर सकता था।