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'हम कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं...' जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने सशस्त्र बलों का किया समर्थन

Operation Sindoor: भारत की सैन्य प्रतिक्रिया के जवाब में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने भारतीय सशस्त्र बलों और राष्ट्र की संप्रभुता के लिए समर्थन का एक मजबूत बयान जारी किया है।

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मौलाना महमूद मदनी ने सशस्त्र बलों का किया समर्थन

Photo : ANI

Operation Sindoor: पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले और उसके बाद भारत की सैन्य प्रतिक्रिया के जवाब में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने भारतीय सशस्त्र बलों और राष्ट्र की संप्रभुता के लिए समर्थन का एक मजबूत बयान जारी किया है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की एक विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्र की रक्षा एक अटूट प्रतिबद्धता है, इस पर जोर देते हुए मौलाना मदनी ने कहा कि भारत हमारी मातृभूमि है, और इसकी रक्षा हमारी राष्ट्रीय और संवैधानिक जिम्मेदारी है।

हम बहादुर सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं- मदनी

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने हमेशा देशभक्ति, शांति और एकता के मूल्यों को कायम रखा है। ऐसे समय में जब हमारी सीमाएं खतरे में हैं, हम अपने बहादुर सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर पाकिस्तान युद्ध थोपता है, तो हम एक स्पष्ट शब्द में कहना चाहते हैं कि पूरा देश- सभी धर्मों के लोग, खासकर मुसलमान- भारतीय सशस्त्र बलों के साथ खड़े होंगे। मौलाना मदनी ने भारत सरकार से किसी भी आक्रामक कार्रवाई का निर्णायक ढंग से जवाब देने का आह्वान किया। मदनी ने कहा कि हम भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि वह हर शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का कड़ा और उचित जवाब दे। दुनिया को पता होना चाहिए कि भारत एक राष्ट्र के रूप में एकजुट होकर हर कीमत पर अपनी भूमि की रक्षा करेगा। राष्ट्रीय एकता के लिए संगठन की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद इस चुनौतीपूर्ण समय में एकता, धैर्य और बलिदान की भावना को बढ़ावा देने के लिए पूरे देश में काम करेगी।

नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया- विंग कमांडर व्योमिका सिंह

भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार सुबह ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के अंदर आतंकी ठिकानों पर हमला किया। विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया कि कुल नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया और उन्हें सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानों का चयन इस तरह किया गया था कि नागरिकों और उनके बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान न पहुंचे।

इस बीच, एक प्रेस वार्ता के दौरान, कर्नल सोफिया कुरैशी ने आतंकी शिविरों को नष्ट करने के वीडियो पेश किए, जिसमें मुरीदके और वह स्थान भी शामिल है जहां 2008 के मुंबई हमलों के अपराधियों डेविड हेडली और अजमल कसाब ने प्रशिक्षण प्राप्त किया था। कर्नल कुरैशी ने बताया कि भारतीय सेना द्वारा किए गए हमलों में मुरीदके के अलावा सियालकोट में सरजाल कैंप, बरनाला में मरकज अहले हदीस और कोटली में मरकज अब्बास तथा सियालकोट में महमूना जोया कैंप को निशाना बनाया गया।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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