Operation Black Dollar on AAP Foreign Funding: दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार कई विवादों में घिरी है, अभी जारी स्वाति मालीवाल केस के बीच टाइम्स नाउ नवभारत चैनल ने ऑपरेशन 'ब्लैक डॉलर' (Operation Black Dollar) में आम आदमी पार्टी (AAP) की विदेशी फंडिंग पर अहम और हिलाने वाले खुलासे किए हैं।
एक और सनसनीखेज खुलासा, प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की तरफ से गृहमंत्रालय को भेजे गए डोजियर के मुताबिक आम आदमी पार्टी ने विदेशों से फंडिंग में बड़ा खेल किया है। ये पूरा डोजियर नवभारत के पास है।
आपको ऑपरेशन ब्लैक डॉलर (Operation Black Dollar) का पूरा खेल बताते हैं हम आपको दिखाते हैं कि कैसे केजरीवाल की पार्टी ने विदेशों से फंडिंग लेने में नियमों की धज्जियां उड़ा दी हैं।
ऑपरेशन ब्लैक डॉलर में ये खुलासा कि आम आदमी पार्टी ने विदेशों से चंदा बटोरने में कैसे बड़े पैमाने पर घपला किया है, कैसे पार्टी के बड़े नेता विदेशी फंडिंग में मिले पैसों की बंदरबाट करने में लगे थे और कैसे विदेशों से मिले ब्लैक डॉलर को छुपाने के लिए आम आदमी पार्टी ने फर्जी जानकारियां पेश की।
सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं शुरूआत होती है कि सुखपाल सिंह खैरा से जो तब आम आदमी पार्टी के विधायक थे और अब कांग्रेस में हैं। पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी के मामले में खैरा जांच के घेरे में हैं और इसी सिलसिले में उनके ठिकानों की तलाशी ली गई। तलाशी में कुछ ऐसे दस्तावेज मिले जिसमें फॉरेन फंडिंग की डिटेल्स थी।
'कोई पॉलिटिकल पार्टी किसी विदेशी से फंडिंग नहीं ले सकती'
अधिकारियों ने जब पूछताछ की तो पता चला कि ये फॉरेन फंडिंग आम आदमी पार्टी को की गई है और आप के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता को इसके बारे में पूरी जानकारी है। ईडी ने जब पंकज गुप्ता को बुलाया तो उन्होंने फॉरेन फंडिंग की बात कबूल कर ली। गुप्ता ने फंडिंग से जुड़े जो दस्तावेज ईडी को मुहैया कराए उसने ब्लैक डॉलर के खेल का पर्दाफाश कर दिया। और हम आपको बताते हैं कि ये खेल चल कैसे रहा था, एफसीआरए कानून जिसके तहत फॉरेन फंडिंग ली जाती है उसके नियम बिल्कुल स्पष्ट हैं कि कोई पॉलिटिकल पार्टी किसी विदेशी से फंडिंग नहीं ले सकती।
कनाडा के 19 नागरिकों से 51 लाख 15 हजार 44 रूपये का चंदा लिया
लेकिन आम आदमी पार्टी ने इस नियम की धज्जियां उड़ाते हुए कनाडा के 19 नागरिकों से 51 लाख 15 हजार 44 रूपये का चंदा लिया। यहां सवाल ये है कि कोई विदेशी नागरिक भारत की किसी पार्टी को क्यों चंदा देगा ? इसके पीछे उसका क्या मकसद हो सकता है ? चंदे के एवज में आम आदमी पार्टी ने विदेशियों को क्या वादा किया था ?
AAP को कनाडा से भेजे गए फंडिंग की डिटेल में बहुत गड़बड़झाला
आम आदमी पार्टी का अपराध सिर्फ ये नहीं है कि उसने विदेशी नागरिकों से चंदा लिया.... चूंकि ये कानून के खिलाफ है इसलिए इस जानकारी को उसने छिपाया भी। ये सारे कनाडाई नागरिक हैं। जिनसे फंडिंग ली गई। और न सिर्फ फंडिंग ली गई बल्कि उसकी जानकारी छुपाई भी गई। पूरे घपले की अगली कड़ी... केजरीवाल की पार्टी ने विदेशियों से फंडिंग तो ली ही....उसकी रिपोर्टिंग में भी बड़ा घालमेल किया...ईडी की जांच में ये खुलासा हुआ है कि आम आदमी पार्टी को कनाडा से भेजे गए फंडिंग की डिटेल में बहुत गड़बड़झाला है।
एक एक मोबाइल नंबर पर 8-8 लोगों के नाम दर्ज हैं जिनसे चंदा लिया गया है
ये बात तो हम सब जानते हैं कि एक आदमी का सिर्फ एक ही पासपोर्ट हो सकता है....पासपोर्ट किसी आदमी की पहचान का सबसे पुख्ता डॉक्यूमेंट माना जाता है....लेकिन आम आदमी पार्टी के डोनर्स की एक बड़ी संख्या है जिनके पासपोर्ट नंबर गलत दिखाए गए हैं...एक ही पासपोर्ट नंबर पर 19-19 डोनर्स दिखा दिए गए हैं, आम आदमी पार्टी की फारेन फंडिंग में ऐसे एक नहीं सैंकड़ों फर्जीवाड़े हैं। सिर्फ पासपोर्ट नंबर ही नहीं बल्कि मोबाइल नंबर में भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा किया गया है....एक एक मोबाइल नंबर पर 8-8 लोगों के नाम दर्ज हैं जिनसे चंदा लिया गया है।
विदेशी चंदे के खेल में केजरीवाल की पार्टी ने एक से बढ़कर एक तरीका निकाला है झांसा देने का....आप को बहुत सारा चंदा क्रेडिट कार्ड से भी लिया है...लेकिन यहां भी घपला है... एक ही क्रेडिट कार्ड को छ लोगों के नाम पर दिखा दिया गया है। इसी तरह ईमेल आईडी के मामले भी फर्जीवाड़ा हुआ है। एक ईमेल आईडी पर 35 लोगों के नाम दर्ज हैं तो एक पर तेरह.....
1. विदेशी फंडिंग में केजरीवाल का घपला क्या बताता है ?
केजरीवाल कट्टर बेईमान हैं
ईमानदारी का नकाब उतरा
आरोप की जांच से सच निकलेगा
