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Jammu-Kashmir: इस दिन होगी उमर अब्दुल्ला की ताजपोशी, LG मनोज सिन्हा दिलाएंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

Omar Abdullah: जम्मू-कश्मीर का अगले मुख्यमंत्री की ताजपोशी कब होगी, इस सवाल का जवाब मिल चुका है। प्रचंड बहुमत हासिल कर नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन सूबे में सरकार बनाने जा रही हैं। ऐसे में एक बार फिर उमर अब्दुल्ला का जम्मू-कश्मीर के सीएम बनने के लिए तैयार हैं। आपको बताते हैं कि उमर किस दिन सीएम पद की शपथ लेंगे।

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उमर अब्दुल्ला कब लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ।

Next CM of Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद इस राज्य को पहला मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है। उमर अब्दुल्ला की ताजपोशी इसी हफ्ते होने जा रही है। तारीख और समय दोनों तय हो गया है, सूबे के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इससे जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसमें ये बताया गया है कि आगामी 16 अक्टूबर को उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

कब मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे उमर अब्दुल्ला?

उमर अब्दुल्ला बुधवार को सुबह 11:30 बजे जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इससे जुड़ा नोटिफिकेशन सूबे के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा जारी किया गया है।

Omar Abdullah, Manoj Sinha

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दी जानकारी।

उमर अब्दुल्ला बनेंगे जम्मू-कश्मीर के अगले सीएम

इससे पहले उमर अब्दुल्ला को पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार को सर्वसम्मति से नेशनल कांफ्रेंस का विधायक दल का नेता चुन लिया गया। पार्टी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने यहां यह जानकारी दी थी। फारूक ने उस वक्त कहा था कि 'पार्टी के विधायक दल की बैठक हुई, जिसमे उमर अब्दुल्ला को सर्वसम्मति से दल का नेता चुना गया।'

कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन को मिला बहुमत

नेशनल कांफ्रेंस ने हाल में संपन्न चुनाव में 42 जबकि उसके गठबंधन साझेदारों कांग्रेस ने छह और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने एक सीट जीती है। इस तरह 95 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन को बहुमत हासिल हुआ है।

कौन हैं उमर अब्दुल्ला, जानें उनसे जुड़ी खास बातें

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला अपने परिवार के तीसरी पीढ़ी के राजनेता हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उमर अब्दुल्ला ने शुरुआती शिक्षा श्रीनगर के बर्न हॉल स्कूल से की। फिर हिमाचल के सनावर में लॉरेंस स्कूल से अपनी स्कूल की शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने मुंबई के सिडेनहैम कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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