No Confidence Debate : संसद में मंगलवार को 'INDIA' की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। लोकसभा में इस चर्चा की शुरुआत कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने की। गोगोई ने मणिपुर हिंसा को लेकर सरकार पर कटाक्ष एवं हमले करते हुए गंभीर चर्चा की शुरुआत की। गोगोई के बाद विपक्षी गठबंधन के सहयोगियों ने भी सरकार पर हमले किए। इन हमलों एवं आरोपों का जवाब सरकार की तरफ से भी आया। सरकार की तरफ से सबसे पहले मोर्चा निशिकांत दुबे ने संभाला। दुबे ने पिछली घटनाओं को याद दिलाकर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री किरन रीजीजू एवं सरकार के अन्य मंत्रियों ने विपक्ष को 'आईना' दिखाने की कोशिश की। अविश्वास प्रस्ताव पर दूसरे दिन यानी बुधवार को भी चर्चा होगी। चर्चा का जवाब तीसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देंगे। विपक्ष को पीएम के जवाब पर सभी की नजरें होंगी। यहां 10 बिंदुओं में समझते हैं अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान क्या-क्या हुआ-
- चर्चा की शुरुआत में करते हुए असम से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मणिपुर हिंसा का जिक्र किया। गोगोई ने मणिपुर हिंसा पर पीएम मोदी की 'चुप्पी' का जिक्र किया। उन्होंने तीन सवाल भी किए। पहला कि पीएम ने मणिपुर हिंसा पर करीब 80 दिन बाद क्यों बोले? दूसरा उन्होंने मणिपुर का दौरा क्यों नहीं किया। तीसरा, मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह को हटाया क्यों नहीं गया?
- गोगोई ने आरोप लगाते हुए कहा कि मणिपुर हिंसा को थामने में केंद्र एवं मणिपुर सरकार नाकाम हुई है और अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए विपक्ष को बाध्य होना पड़ा। बात संसद में संख्याबल का नहीं बल्कि मुद्दे का है।
- पहले चर्चा थी कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत कांग्रेस सांसद राहुल गांधी करेंगे लेकिन चर्चा शुरू होने से पहले ठीक यह बताया गया कि कांग्रेस की ओर से इसकी शुरुआत गोगोई करेंगे। राहुल की ओर से चर्चा की शुरुआत न किए जाने पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर तंज कसा।
- दुबे ने कहा कि वह राहुल गांधी को सुनना चाहते थे। भाजपा सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि हो सकता है कि राहुल देर से सोकर उठे हों और वह बोलने की उनकी तैयारी नहीं हो। इस पर सत्ता पक्ष के लोगों ने ठहाके लगाए।
- तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद डेरेक ओ’ने मंगलवार को दावा किया कि विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी को लोकसभा में ‘बुलाने’ के लिए अविश्वास प्रस्ताव संबंधी नियमों का सहारा लिया है। राज्यसभा में टीएमसी के नेता ओ’ब्रायन ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री से ऊपरी सदन में आने का भी आग्रह किया।
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस यानी ‘इंडिया’ पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि विपक्ष खुद अविश्वास से भरा हुआ है, इसलिए वह संसद में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है।
- बीजू जनता दल (बीजद) ने कहा कि सरकार के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लोकसभा में लाने के लिए लाया गया है, लेकिन यह प्रस्ताव ‘गिर जाएगा और कांग्रेस को इसका कोई फायदा नहीं होगा’।
- केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को नजरंदाज करने के लिए पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि जब दुनिया भारत की ओर उम्मीदों से देख रही है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक देश मजबूत राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में गलत समय और गलत तरीके से विपक्ष उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है।
- चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस सदस्य मनीष तिवारी ने कहा कि किसी भी सरकार का मूल्यांकन पांच बिंदुओं- आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा, संस्थाओं की स्वायत्तता, कूटनीतिक रिश्ते और सांप्रदायिक सद्भाव पर किया जाता है, लेकिन इन पांचों बिंदुओं पर सरकार पूरी तरह विफल रही है।
- तिवारी ने कहा कि मणिपुर की सीमा म्यामां जैसे देश से लगती है जिसके सैन्य शासन के चीन के साथ रिश्ते जगजाहिर हैं। उनका कहना था कि मणिपुर या उत्तर पूर्व के किसी राज्य में सामाजिक उथल पुथल होती है तो उसका असर केवल उस राज्य पर नहीं बल्कि पूरे उत्तर पूर्व पर और देश की सुरक्षा पर पड़ता है।
