INS Sumitra : अरब सागर और अदन की खाड़ी में भारतीय नौसेना लगातार अपना शौर्य दिखा रही है। मालवाहक जहाजों को सुरक्षा दे रहे नौसेना के युद्धपोत समुद्री डाकुओं के लूट के सभी प्रयासों को विफल कर रहे हैं। भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS सुमित्र ने 24 घंटे से कम समय में दो व्यापारिक जहाजों को समुद्री डाकुओं के चंगुल से छुड़ाया है। समुद्री लुटेरों ने सोमलिया के पूर्वी तट पर एक मालवाहक जहाज पर कब्जा कर लिया था लेकिन आईएनएस सुमित्र ने इस जहाज को उनके कब्जे से छुड़ाया और चालक दल के 19 सदस्यों को मुक्त कराया।
मालवाहक जहाज पर लगा था ईरान का झंडा
खास बात यह है कि ये 19 लोग पाकिस्तानी नागरिक हैं। नौसेना ने समुद्री लुटेरों को भी पकड़ा है। नौसेना ने अपने आधिकारिक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी। आईएनएस सुमित्र ने जिस मालवाहक जहाज को लुटेरों के कब्जे से छुड़ाया है, उसका नाम अल नईमी है और इस पर ईरान का झंडा लगा हुआ था। नौसेना ने कहा कि मालवाहक जहाज के आपात स्थिति में होने की जानकारी मिलते ही भारतीय युद्धपोत हरकत में आ गया।
लुटेरों को हथियार डालने के लिए मजबूर किया
आईएनएस सुमित्र ने मालवाहक जहाज की लोकेशन का पता लगया और उस तरफ रवाना हो गया। समुद्री लुटेरों ने इस मालवाहक जहाज पर कब्जा जमा लिया था लेकिन भारतीय नौसेना के जांबाजों ने दिलेरी दिखाते हुए सभी लुटेरों को हथियार डालने के लिए मजबूर किया और सभी पाकिस्तानी नागरिकों को उनके कब्जे से छुड़ाया। पिछले 24 घंटों में भारतीय नौसेना का यह दूसरा सफल समुद्री डकैती रोधी अभियान था।
5-6 जनवरी को भी मालवाहक जहाज को छुड़ाया
इससे पहले 5-6 जनवरी को भारतीय नौसेना ने सोमालिया तट पर हाईजैक किए गए जहाज एमवी लिली नॉरफॉक को समुद्री लुटेरों से छुड़ाया था। नौसेना की त्वरित कार्रवाई ने समुद्री लुटेरों को भागने पर मजबूर कर दिया और इसमें सवार सभी क्रू मेंबर सुरक्षित बचा लिए गए। इनमें से 15 भारतीय अपहृत जहाज पर चालक दल का हिस्सा थे। बचाए गए चालक दल के उत्साहित सदस्यों ने खुशी जताते हुए भारत माता की जय का नारा लगाया और भारतीय नौसेना को धन्यवाद दिया।
