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शरद पवार ने सरकार को चेताया, मिल्क प्रोडक्ट्स का आयात किया तो किसानों को होगा नुकसान

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Apr 6, 2023, 05:08 PM IST

Milk Products Import Case: एनसीपी प्रमुख और पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार ने मोदी सरकार को चेताते हुए कहा कि डेयरी प्रोडक्ट्स का आयात करने पर इस काम में लगे किसानों को नुकसान होगा। इस पर फैसला लेने पर रोक लगाई जाए।

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डेयरी प्रोडक्ट्स के आयात के खिलाफ शरद पवार

Milk Products Import Case: एनसीपी प्रमुख और पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार ने गुरुवार को डेयरी प्रोडक्ट के आयात को लेकर सरकार को चेताया। उन्होंने मक्खन और घी जैसे दूध प्रोडक्ट्स के आयात की किसी भी सरकारी योजना का विरोध करते हुए कहा कि यह डेयरी क्षेत्र के पुनरुद्धार को बाधित करेगा। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला को लिखे पत्र में पवार ने मक्खन और घी जैसे डेयरी उत्पादों के आयात के लिए सरकार के इरादे के बारे में मीडिया रिपोर्ट्स की चर्चा की।

पवार ने कहा कि इस संबंध में केंद्र सरकार का कोई भी फैसला पूरी तरह से अस्वीकार्य होगा क्योंकि इन प्रोडक्ट्स के आयात से घरेलू दुग्ध उत्पादकों की आय पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि डेयरी किसान हाल ही में अभूतपूर्व COVID-19 संकट से बाहर आए हैं और इस तरह के निर्णय से क्षेत्र की पुनरुद्धार प्रक्रिया गंभीर रूप से बाधित होगी।

पवार ने कहा कि कृपया मेरी चिंता पर ध्यान दिया जाए। मुझे खुशी होगी अगर इस मामले पर गौर किया जाए और मंत्रालय मिल्क प्रोडक्ट्स के आयात के लिए कोई भी फैसला लेने से खुद को रोके।

पशुपालन और डेयरी सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा था कि घरेलू मांग में 8-10 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले वित्त वर्ष 2022-23 में देश का दूध उत्पादन स्थिर रहा। उन्होंने कहा कि मक्खन और घी का स्टॉक पिछले साल के मुकाबले कम है।

सिंह ने कहा कि दक्षिणी राज्यों में दूध के स्टॉक की स्थिति का आकलन करने के बाद अगर जरूरी हो तो सरकार मक्खन और घी जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स के आयात में हस्तक्षेप करेगी। जहां अब फ्लशिंग (पीक उत्पादन) सीजन शुरू हो गया है।

रामानुज सिंह
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रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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