Udhhav Thackeray: शिवसेना (यूबीटी) में सांसदों की बगावत के बाद पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे बुरी तरह हिल गए हैं। नेताओं एवं कार्यकर्ताओं में फैले असंतोष एवं आक्रोश को दूर करने के लिए अब वह पूरे महाराष्ट्र का दौरा करेंगे। वह उन निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा भी करेंगे जहां से बागी सांसद चुनकर आए हैं। इसे बागी सांसदों पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। यूबीटी शिवसेना के सांसद सजंय राउत की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक उद्धव अपने राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत 27 जून को यवतमाल से करेंगे। इसके बाद वह विदर्भ इलाके के वाशिम और मराठवाड़ा के हिंगोली में जाएंगे। 28 जून को उद्धव परभणी और धारशिव और 29 जून को शिरडी जाएंगे।
रविवार को मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले उद्धव
यवतमाल-वाशिम के सांसद संजय देशमुख, हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर, परभणि के सांसद संजय जाधव, शिर्डी के एमपी भाउसाहेब वाकचौरे, मुंबई नॉर्थ इस्ट के संजय संजय पाटिल और उस्मानाबाद के एमपी ओमप्रकाश राजे निंबालकर ने शिवसेना यूबीटी से बगावत की है और ये सभी छह सांसद एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। रविवार को उद्धव ठाकरे मुंबई में भांडुप पश्चिम एवं घाटकोपर स्थित पार्टी कार्यालय गए और पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले एवं उनसे बातचीत की।
मेरी अगुवाई वाली शिवसेना ही असली शिवसेना-उद्धव ठाकरे
भांडुप में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा कि 'मेरा मनोबल नहीं टूटा है। उनके पिता बाल ठाकरे की बनाई अविभाजित शिवसेना ने कांग्रेस से लड़ने में 30 साल बिताए, लेकिन उसने (कांग्रेस) कभी पार्टी को हथियाने या खत्म करने की कोशिश नहीं की, जैसा भाजपा ने किया है। मेरी अगुवाई वाली शिवसेना ही असली शिवसेना है।'
अब कोई गुट नहीं बचा है-शाह
शनिवार को कोल्हापुर में शाह ने कहा था कि पहले लोगों को शिंदे के नेतृत्व वाले गुट का अलग से जिक्र करना पड़ता था, लेकिन 'अब कोई गुट नहीं बचा है और सिर्फ एक ही शिवसेना है, जिसके प्रमुख एकनाथ शिंदे हैं।’ शाह का नाम लिए बिना ठाकरे ने कहा, 'शिवसेना प्रमुख सिर्फ एक ही हो सकता है और वह हैं बाल ठाकरे। कोई बाहरी व्यक्ति शिवसेना प्रमुख तय नहीं कर सकता। आप अपनी सीमा में रहें।’उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि पहले भाजपा का राजनीतिक महत्व बहुत कम था और अविभाजित शिवसेना ने ही उसे आगे बढ़ने में मदद की थी।
शिवसेना (उबाठा) में बगावत की चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनका मनोबल नहीं टूटा है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकने के लिए 'गद्दारों’ का शुक्रिया अदा किया जाना चाहिए।
