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महाराष्ट्र में Dance Bar पर सरकार की सख्ती, बार में 'लाइव' संगीत को कानून के दायरे में लाने के लिए विधेयक पेश

गृह राज्य मंत्री पंकज भोयार ने विधानसभा में 'महाराष्ट्र पुलिस और महाराष्ट्र होटल, रेस्तरां तथा मदिरालयों में अश्लील नृत्य पर रोक और (वहां कार्यरत) महिला गरिमा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किया।

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प्रतीकात्मक फोटो

महाराष्ट्र सरकार ने होटलों और मदिरालयों (Bar) में संगीत के 'लाइव' कार्यक्रमों को डांस बार कानून के दायरे में लाने के लिए मंगलवार को विधानसभा में एक विधेयक पेश किया।इसका उद्देश्य लाइसेंस की उन कमियों को दूर करना है जिनका फायदा उठाकर अवैध डांस बार 'महाराष्ट्र पुलिस कानून' के तहत मिलने वाले 'ऑर्केस्ट्रा' परमिट का दुरुपयोग कर रहे थे।

गृह राज्य मंत्री पंकज भोयार ने विधानसभा में 'महाराष्ट्र पुलिस और महाराष्ट्र होटल, रेस्तरां तथा मदिरालयों में अश्लील नृत्य पर रोक और (वहां कार्यरत) महिला गरिमा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किया।

विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के विवरण के अनुसार, 'महाराष्ट्र पुलिस कानून' की धारा 33 वर्तमान में पुलिस अधिकारियों को सार्वजनिक मनोरंजन के लिए संगीत, नृत्य और अन्य कार्य क्रमों के लिए लाइसेंस देने का अधिकार देती है।इसी कानून के तहत बने सार्वजनिक मनोरंजन नियमों के अधीन होटलों, रेस्तरांओं और मदिरालयों में 'ऑर्केस्ट्रा' और संगीत के 'लाइव' कार्यक्रमों के लाइसेंस भी जारी किए जाते हैं।

संगीत के 'लाइव' कार्यक्रमों (ऑर्केस्ट्रा) के लाइसेंस का दुरुपयोग

सरकार के अनुसार, कुछ संस्थान होटलों, रेस्तरांओं और मदिरालयों में नृत्य कार्यक्रमों पर लगे प्रतिबंधों से बचने के लिए संगीत के 'लाइव' कार्यक्रमों (ऑर्केस्ट्रा) के लाइसेंस का दुरुपयोग कर रहे थे। वे साल 2016 के महिला गरिमा संरक्षण कानून के तहत आवश्यक लाइसेंस के विकल्प के रूप में इसका इस्तेमाल कर रहे थे।इस कमी को दूर करने के लिए, विधेयक में संगीत के 'लाइव' कार्यक्रमों (ऑर्केस्ट्रा) को 2016 के कानून के दायरे में लाने का प्रस्ताव है, जबकि ऐसे कार्यक्रमों के लाइसेंस को 'महाराष्ट्र पुलिस कानून' के दायरे से बाहर कर दिया गया है।

इन संशोधनों का उद्देश्य 'ऑर्केस्ट्रा' लाइसेंस के दुरुपयोग को रोकना

यह विधेयक 'ऑर्केस्ट्रा' कार्यक्रमों को अश्लील नृत्य रोकथाम कानून के दायरे में लाता है और होटलों, रेस्तरांओं तथा मदिरालयों में ऐसे कार्यक्रमों के लाइसेंस को पुलिस कानून के दायरे से बाहर करता है। सरकार ने कहा कि इन संशोधनों का उद्देश्य 'ऑर्केस्ट्रा' लाइसेंस के दुरुपयोग को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि होटलों, रेस्तरांओं तथा मदिरालयों में संगीत के 'लाइव' कार्यक्रम भी उसी कानूनी ढांचे के तहत संचालित हों जिसके तहत नृत्य कार्यक्रम होते हैं।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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