बिहार में लालू यादव की पार्टी राजद के वोट बैंक को तोड़ने के लिए बीजेपी बड़ी तैयारी कर रही है। राजद को जैसे ही इस खतरे का अहसास हुआ, उसने अपने वोट बैंक बचाने के लिए मैदान में उस नेता को उतार दिया, जिसने ये वोट बैंक बनाई थी। लालू यादव ने मुस्लिम -यादव गठजोड़ के सहारे ही कई सालों तक सत्ता का सुख भोगा है। यादव वोट बैंक बिहार में बड़ा महत्व रखता है, जिस पर अब बीजेपी की नजर है। एक और जहां बीजेपी हजारों यादव समाज के लोगों को जोड़ने की तैयारी कर रही है, तो वहीं लालू यादव अपने वोट बैंक को बचाने खुद मैदान में उतर गए हैं।
क्या है बीजेपी की तैयारी
दरअसल भाजपा ने बिहार में यादव वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए बड़ा दांव चला है। भाजपा ने मंगलवार को गोवर्धन पूजा के अवसर पर यदुवंशियों के लिए मिलन समारोह आयोजित किया था। दावा किया गया है कि इस दौरान 21 हजार यादव समाज के लोग सदस्यता ग्रहण करेंगे। भाजपा इनकी सूची भी बना चुकी है।
अब लालू उतरे मैदान में
बीजेपी की इस रणनीति की काट के लिए लालू यादव खुद मोर्चा संभाले दिखे। लालू यादव ने इस्कॉन मंदिर पटना के पास हुए एक कार्यक्रम में कहा कि भाजपा की सरकार जहां-जहां है, वहां यादवों को तोड़ा जा रहा है।
क्या बोले लालू यादव
पूर्व सीएम और राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा- "जहां-जहां बीजेपी की सरकार है, वहां-वहां यदुवंशियों को तोड़ा जा रहा है। हम ऐसा नहीं होने देंगे। जैसे भगवान कृष्ण ने कमजोरों की रक्षा की, हमारी सरकार, हमारे संगठन ने 75% आरक्षण दिया- ये पहले कभी नहीं सोचा था। आरक्षण के अलावा लाखों लोगों को शिक्षक बनाया गया। ऐसी लाखों भर्तियां होने वाली हैं, विज्ञापन दिए गए हैं...लोगों को सशक्त बनाया गया है। हमारी सरकार से पहले क्या आपको वोट डालने की इजाजत थी ?...जबरन बूथ कैप्चरिंग होती थी..."
