एएनआई के अनुसार पीड़िता के पिता ने मीडिया से कहा, 'सीबीआई अपना काम कर रही है, हम इस बारे में (जांच) कुछ नहीं कह सकते... जो भी इस हत्या से किसी तरह जुड़े हैं या जो सबूतों से छेड़छाड़ में शामिल हैं, वे सभी जांच के दायरे में हैं... वे (जूनियर डॉक्टर) दर्द के साथ विरोध में बैठे हैं, वे मेरे बच्चों की तरह हैं, हमें उन्हें देखकर दर्द होता है... जिस दिन आरोपियों को सजा मिलेगी, वह हमारी जीत होगी... वर्ष 2021 में भी पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर कई आरोप लगे थे, अगर मुख्यमंत्री ने उस समय संदीप घोष के खिलाफ कार्रवाई की होती, तो आज मेरी बेटी जिंदा होती।'
शरीर पर 25 आंतरिक और बाहरी चोटों से यौन उत्पीड़न और यातना का पता चला
महिला 9 अगस्त को अस्पताल के सेमिनार हॉल के अंदर मृत पाई गई थी, वह अपने व्यस्त कार्य शेड्यूल के बीच आराम करने के लिए कमरे में गई थी। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, उसके शरीर पर 25 आंतरिक और बाहरी चोटों से यौन उत्पीड़न और यातना का पता चला।
हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने में जानबूझकर देरी की
एजेंसी ने संदीप घोष पर एक पुलिस अधिकारी के साथ सांठगांठ का हिस्सा होने का आरोप लगाया। इसने एक अदालत को बताया कि उसने मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने में जानबूझकर देरी की। उन पर हत्या को आत्महत्या बताने का प्रयास करने का भी आरोप है।
