CEC Gyanesh Kumar Removal Resolution Passes: देशभर में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी घमासान के बीच केरल विधानसभा ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। विधानसभा ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए एक विशेष प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
गौरतलब है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) मुख्य निर्वाचन आयुक्त और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ लगातार आक्रामक आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री वी डी सतीशन द्वारा विधानसभा में पेश किया गया यह प्रस्ताव संभवतः देश में किसी राज्य विधानसभा द्वारा पारित ऐसा पहला प्रस्ताव बन गया है।
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'SIR के तहत नाम काटे गए लोगों के नाम फिर से जोड़े जाएं'
प्रस्ताव के जरिए मतदाता सूची में संशोधन की मौजूदा प्रक्रिया पर गहरे सवाल उठाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि पात्र और योग्य नागरिकों को मताधिकार से वंचित किया जा रहा है, जिससे निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर गंभीर संशय पैदा हो गया है। केरल विधानसभा ने मांग की है कि एसआईआर प्रक्रिया की कथित गड़बड़ियों को तुरंत दूर किया जाए और जिन नागरिकों के नाम गलत तरीके से सूची से हटाए गए हैं, उन्हें तत्काल उनके अधिकार वापस दिए जाएं।
चयन समिति का पुनर्गठन जरूरी
इसके अलावा, इस प्रस्ताव में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के तरीके में भी बड़े बदलाव की वकालत की गई है। इसमें कहा गया है कि निर्वाचन आयोग की साख और स्वतंत्रता बहाल करने के लिए चयन समिति का पुनर्गठन जरूरी है। समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
प्रस्ताव पारित होने के बाद मुख्यमंत्री सतीशन ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि वोट देने का अधिकार हमारे लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है। किसी भी संस्था को देश के नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को चोट पहुँचाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान की रक्षा और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव के पक्ष में केरल पूरी मजबूती के साथ खड़ा है।
