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'...तो हमारी सड़क पर मत चलो', काफिर वाले बयान पर मचे बवाल के बीच राम मंदिर चंदा चोरी पर क्या बोले कैलाश विजयवर्गीय?

Kailash Vijayvargiya: मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान ऐसा बयान दिया जो काफी वायरल है। उन्होंने कहा कि कुछ मुस्लिम भाई जनप्रतिनिधियों को 'काफिर' कहते हैं, अगर वे हमें काफिर मानते हैं तो हमारे द्वारा बनवाई सड़कों पर न चलें। राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर भी अपनी बात रखी।

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एमपी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

Photo : ANI

Kailash Vijayvargiya: उत्तराखंड दौरे पर आए मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले (Ram Mandir donation theft case) में अपनी बात रखते हुए कहा कि मेरा मानना है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बहुत स्पष्ट रूप से कहा है कि बिना सबूत के किसी पर आरोप लगाना अपराध है। इसलिए, लोगों को सोच-समझकर ही आरोप लगाने चाहिए। SIT पूरी सच्चाई सामने लाएगी और दोषियों को सजा मिलेगी। गलत काम में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी ही चाहिए और CM योगी ने भरोसा दिलाया है कि ऐसी कार्रवाई जरूर की जाएगी।

इससे पहले कैलाश विजयवर्गीय अपने एक नए और बेहद चर्चा में आए बयान के कारण सुर्खियों में हैं। दरअसल, इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में रविवार को करीब 2.40 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत करते हुए उन्होंने एक ऐसा बयान दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद बहस छिड़ गई है। कैलाश विजयवर्गीय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कभी भी किसी वर्ग या समुदाय के साथ कोई भेदभाव नहीं किया है।

कई मुस्लिम भाई हमको काफिर बोलते हैं-कैलाश विजयवर्गीय

लेकिन, इसके बावजूद मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग दूसरे धर्म के जनप्रतिनिधियों को कथित तौर पर 'काफिर' कहकर बुलाते हैं। आमतौर पर 'काफिर' (Kafir Controversial Row) शब्द का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया जाता है जो इस्लाम के मूल सिद्धांतों को नहीं मानते, लेकिन राजनीति में इस शब्द के इस्तेमाल ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मंत्री ने सीधे लहजे में कहा, "यहां यह सड़क बन रही है। मैं देख रहा था कि यहां हिंदू भाई भी रहते हैं और मुसलमान भाई भी रहते हैं। कई मुस्लिम भाई हमको काफिर बोलते हैं।

सरकारी योजनाओं का भी मत लो लाभ-मंत्री

अरे, अगर हम काफिर हैं और हमने सड़क बनाई है, तो इस पर मत चलो भाई।" उन्होंने बात को आगे बढ़ाते हुए सरकारी योजनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि यदि हम काफिर हैं, तो आपके घर में 'लाड़ली बहना' और 'लाड़ली लक्ष्मी' जैसी योजनाओं का जो सरकारी पैसा आ रहा है, उसे भी मत लो। हालांकि, इस तल्ख बयान के तुरंत बाद उन्होंने सरकार की नीति को स्पष्ट करते हुए संतुलन बनाने की कोशिश की।

विजयवर्गीय ने कहा कि हमारी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के सिद्धांत पर चलती है। जनता चाहे हमें वोट दे या न दे, हमारा काम बिना किसी भेदभाव के सिर्फ उनकी सेवा करना और विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है। नगरीय विकास और संसदीय कार्य मंत्रालय संभाल रहे विजयवर्गीय के इस बयान पर अब राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

monu jha
मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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