Rahul Gandhi: आपसी मतभेद की इस रिपोर्ट के बाद कि तीन चुनाव आयुक्तों में से दो ने 14 बार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विभिन्न पहलुओं पर आपत्तियां जताई थीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। X पर अपना एक वीडियो शेयर करते हुए राहुल ने बुधवार को कहा कि वोट चारी भारत के लोगों के खिलाफ एक अपराध है और यह हमारे संविधान पर सीधा हमला है।'
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि 'भाजपा, आरएसएस इन्होंने वोट चोरी करते हुए देशद्रोह का काम किया है। न्याय होकर रहेगा।'
बता दें कि SIR पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। वहीं, इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली है। इस रिपोर्ट को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है। उसकी तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं।
ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल्स से 13.8 करोड़ नाम बाहर हुए-खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पिछले कई वर्षों से कांग्रेस पार्टी और कई विपक्षी दल देश में होने वाले चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। हमें लगातार चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही थी। जब हमने सवाल उठाया तो उसे मजाक में उड़ा दिया गया। आयोग के दरवाजे बंद कर दिए गए। आज चुनाव आयोग के भीतर से वही बात देश के सामने आ गई है। तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने 14 बार लिखकर आपत्ति की। फॉर्म 6 का दुरुपयोग, सॉफ्टवेयर का गलत इस्तेमाल, वोटर लिस्टों के साथ खिलवाड़, बिना पारदर्शिता के फैसले, ये सब अब देश के सामने हैं। फिर CEC ज्ञानेश कुमार ने इन आपत्तियों पर क्या किया? SIR के पहले तीन चरणों में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल्स से 13.8 करोड़ नाम बाहर हुए हैं।
चिदंबरम ने ECI पर खड़े किए सवाल
इंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट पर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने भी चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यह खबर यदि सही है, तो यह ECI की नींव को हिला देने वाली हैं।
यहां दो अलग-अलग मुद्दे हैं:
1. फैसला; और 2. फैसला लेने की प्रक्रिया।
सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार कहा है कि अगर फैसला लेने की प्रक्रिया में खामी या गलती हो, तो उस फैसले में भी खामी या गलती होगी। विपक्ष का आरोप रहा है कि SIR से जुड़े कई फैसले गलत थे। अब यह सामने आया है कि फैसला लेने की प्रक्रिया भी सही नहीं थी। अगर दो चुनाव आयुक्तों ने किसी मुद्दे पर विपरीत राय रखी थी, तो मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) अपनी राय को ECI का ‘फैसला’ कैसे बना सकते हैं? हाल के वर्षों में ECI द्वारा लिए गए सभी फैसलों की समीक्षा एक संसदीय समिति द्वारा की जानी चाहिए। इस बीच, पूरे देश में SIR की प्रक्रिया को तत्काल रोक दिया जाना चाहिए।
यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है-ओपी रावत
पूर्व निर्वाचन आयुक्त ओ.पी. रावत ने कहा कि मैं तो यही कहूँगा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, निर्वाचन आयोग के भीतर ऐसा पहले शायद ही कभी हुआ हो। स्वयं वहाँ सेवा देने के नाते मैंने हमेशा देखा कि फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते थे, और जब भी विचारों में भिन्नता होती थी, तो एकजुटता बनाए रखने के लिए सहमति बना ली जाती थी। मैंने पहले भी एसआईआर पर कहा कि यह आपत्तिजनक है, मैंने कई बार आपत्ति जताई तीनों को एक साथ बैठना चाहिए और सर्वसम्मति से निर्णय होने चाहिए।
'इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित रिपोर्ट में दावा
उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब एक अंग्रेजी दैनिक 'इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित खबर में दावा किया गया है कि निर्वाचन आयोग के दो आयुक्तों सुखबीर संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों पर 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कीं। इनमें मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और प्रक्रियागत बदलावों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। उन्होंने आयोग के कुछ कदमों को "अनधिकृत" और "अवैध" भी बताया था।
'अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा'
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने X पर एक पोस्ट में कहा, 'वोट चोरी भारतीय लोगों के खिलाफ अपराध है और हमारे संविधान पर सीधा हमला है। भाजपा, आरएसएस और निर्वाचन आयोग, जिन्होंने इसे किया है, उन्होंने देशद्रोह का कृत्य किया है। न्याय किया जाएगा।' कांग्रेस नेता ने एक वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा कि इस कृत्य को अंजाम देने वाले निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
राउत ने ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग की
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त को ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग की है। राउत ने कहा कि 'इस देश में चुनाव मजाक बन गए हैं। ECI गृह मंत्रालय के अधीन आता है। अगर प्रधानमंत्री देश को बचाना चाहते हैं, तो उन्हें अमित शाह को कैबिनेट से हटा देना चाहिए। अगर पीएम मोदी कार्रवाई नहीं करते हैं, तो मैं राष्ट्रपति से ज्ञानेश कुमार को हटाने की अपील करूंगा। अगर राष्ट्रपति भी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं, तो सेना प्रमुख को ऐसे 'हुक्मशाहों' से देश को बचाने के लिए आगे आना चाहिए।'
