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भारत का पानी अब देश के हित में बहेगा और देश के ही काम आएगा, पाक से तनाव के बीच पीएम मोदी की दो टूक

पीएम मोदी ने एक सम्मेलन में कहा कि हमारे लिए देश का हित सर्वोपरि है। भारत का पानी अब भारत के लिए ही बहेगा। पहले भारत के हक का पानी बाहर जा रहा था। क्या-क्या कहा पीएम मोदी ने जानिए।

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पाकिस्तान के साथ पानी के मुद्दे पर पीएम मोदी की दो टूक

Photo : ANI

PM Modi on Water Issue: पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच पीएम मोदी ने आज पानी के मुद्दे पर दो टूक कहा कि भारत का पानी पहले बाहर चला जाता था, अब उसका उपयोग भारत के हितों के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले भारत का हक का पानी भी देश से बाहर जा रहा था। अब भारत का पानी देश के हित में बहेगा और देश के काम आएगा। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के तहत सिंधु जल संधि को स्थगित करने का स्पष्ट संदर्भ दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि देश में पानी पर बहुत चर्चा हो रही है। पहले की सरकारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। पिछली सरकारें फैसला लेने से पहले सोचती थी कि दुनिया क्या कहेगी। पीएम ने कहा कि हमारे लिए देश का हित सर्वोपरि है। भारत का पानी भारत में ही बहेगा और भारत के हक में ही रुकेगा, पहले भारत के हक का पानी बाहर जा रहा था।

2014 में हमारी सरकार ऐसे हालात में बनी जब ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एबीपी सम्मेलन में कहा कि 2014 में हमारी सरकार ऐसे हालात में बनी जब देशवासियों का सरकार पर भरोसा लगभग टूट चुका था। कुछ लोग तो ये सवाल भी उठाने लगे थे कि क्या हमारे देश में लोकतंत्र और विकास एक साथ चल सकते हैं। आज जब कोई भारत की ओर देखता है तो गर्व से कह सकता है - लोकतंत्र सब कुछ कर सकता है...पिछले एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। पूरी दुनिया को संदेश मिला कि लोकतंत्र सब कुछ कर सकता है। मुद्रा योजना के ज़रिए लोन पाने वाले छोटे उद्यमियों को अब एहसास हो रहा है कि लोकतंत्र सब कुछ कर सकता है।

भारत-ब्रिटेन एफटीए का भी जिक्र

इसके साथ ही पीएम मोदी ने भारत-ब्रिटेन एफटीए का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि इससे दोनों देशों के विकास में नया अध्याय जुड़ेगा, भारत में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, 10 करोड़ फर्जी लाभार्थियों को हटाए जाने से 3.5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है।

दशकों से महसूस की जा रही थी वक्फ कानून की जरूरत

नए वक्फ कानून का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कानून में सुधार की जरूरत दशकों से महसूस की जा रही थी, लेकिन वोट बैंक को संतुष्ट करने के लिए इस नेक काम को भी बदनाम किया गया। अब संशोधन किए गए हैं जो वास्तविक अर्थों में गरीब मुस्लिम माताओं और बहनों और गरीब पसमांदा मुसलमानों की मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बदलते भारत का सबसे बड़ा सपना 2047 तक विकसित भारत बनना है। देश में इसके लिए क्षमताएं, संसाधन और इच्छाशक्ति है।

फैसलों का आधार 'राष्ट्र प्रथम'

उन्होंने कहा, बड़े फैसले लेने और लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देना और देश की क्षमता पर विश्वास करना महत्वपूर्ण है। दशकों तक देश में एक विपरीत धारा चली। एक समय था जब कोई बड़ा फैसला लेने से पहले यह सोचा जाता था कि दुनिया क्या सोचेगी? हमें वोट मिलेगा या नहीं?' और ऐसे कारणों से फैसले और बड़े सुधार ठंडे बस्ते में चले जाते थे। उन्होंने कहा कि देश ऐसे आगे नहीं बढ़ता और यह तब आगे बढ़ता है जब फैसलों का आधार 'राष्ट्र प्रथम' होता है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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