Axiom-4 mission- भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य क्रू सदस्यों के अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक्सिओम-4 मिशन (
नासा ने दी समय में बदलाव की जानकारी
नासा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "@Space_Station की उड़ान शेड्यूल की समीक्षा करने के बाद नासा और उसके साझेदार कई आगामी मिशनों के लिए लॉन्चिंग समय बदल रहे हैं। शुक्ला की स्पेसएक्स (SpaceX) के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट पर अंतरिक्ष यात्रा राकेश शर्मा की 1984 में रूस के सोयुज स्पेसक्राफ्ट पर अंतरिक्ष उड़ान के चार दशक बाद हो रही है।
सुभांशु शुक्ला के अलावा ये अंतरिक्ष यात्री शामिल
शुभांशु के अलावा एक्स-4 चालक दल में पोलैंड और हंगरी के सदस्य शामिल हैं, जो इतिहास में हर देश का अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहला मिशन और 40 से अधिक वर्षों में सरकार द्वारा प्रायोजित दूसरा मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है। शुक्ला अंतरिक्ष में सात प्रयोग करेंगे जिनका उद्देश्य भारत में माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान को बढ़ावा देना है। भारत ने 2035 तक अपना का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने और 2047 तक अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजने का लक्ष्य बनाया है।

Axiom-4 मिशन
इसरो ने बनाई खास योजना
इसरो (ISRO) ने आईएसएस पर प्रयोग करने हेतु भारत-केंद्रित भोजन पर ध्यान केंद्रित करने की योजना तैयार की है, जिसमें माइक्रोग्रैविटी स्थितियों में मेथी और मूंग (हरा चना) को अंकुरित करना शामिल है। Axiom-4 (Ax-4) मिशन में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के प्रोजेक्ट अंतरिक्ष यात्री स्लावोज उज़्नान्स्की भी शामिल होंगे, जो 1978 के बाद से दूसरे पोलिश अंतरिक्ष यात्री होंगे। टिबोर कापू 1980 के बाद से दूसरे हंगेरियन अंतरिक्ष यात्री होंगे।
पेगी व्हिटसन अपने दूसरे कमर्शियल मानव अंतरिक्ष यान मिशन की कमान संभालेंगी, जो एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री द्वारा अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक के लिए उनके स्थायी रिकॉर्ड में शामिल होगा। एक्स-4 चालक दल स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान पर सवार होकर अंतरिक्ष स्टेशन पर जाएगा और ऑर्बिटिंग लेबोरेटरी में 14 दिन तक रहेगा।
