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इस बजट से विकसित भारत नहीं बनेगा, मुसलमानों को किया गया नजरअंदाज, ओवैसी के अजब बोल

ओवैसी ने आरोप लगाया कि सरकार ने अकलियतों और खासकर मुसलमानों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि सरकार वक्फ संपत्तियों को आमदनी का जरिया नहीं बनाना चाहती, बल्कि उन्हें खत्म करना चाहती है।

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ओवैसी का आरोप

Photo : PTI

Asduddin Owaisi: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए सोमवार को दावा किया कि इस बजट से विकसित भारत नहीं बनने वाला है। उन्होंने लोकसभा में बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए यह आरोप भी लगाया कि यह सरकार अल्पसंख्यकों के प्रति पूर्वाग्रह के भाव से काम कर रही है और अकलियतों खासकर मुसलमानों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है।

भेदभाव और पूर्वाग्रह का लगाया आरोप

हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ने कहा कि जब तक लड़कियों को तालीम नहीं मिल जाती, जब तक बड़ी आबादी गरीब है और जब तक देश की 15 प्रतिशत मुस्लिम आबादी की उपेक्षा होगी, तब तक विकसित भारत नहीं बन सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव और पूर्वाग्रह का व्यवहार कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अल्पसंख्यकों से संबंधित केंद्रीय स्तर की योजनाओं में आवंटित बजट पूरा खर्च नहीं किया जा रहा है।

कहा- मुसलमानों को नजरअंदाज किया गया

ओवैसी ने आरोप लगाया कि सरकार ने अकलियतों और खासकर मुसलमानों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि सरकार वक्फ संपत्तियों को आमदनी का जरिया नहीं बनाना चाहती, बल्कि उन्हें खत्म करना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि मध्यम वर्ग को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।

चर्चा में भाग लेते हुए आरएसएपी नेता एनके प्रेमचंदन ने कहा कि यह विकासोन्मुखी बजट नहीं है और इसमें आम लोगों के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि केरल और तमिलनाडु के साथ सौतेला व्यवहार बंद होना चाहिए।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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