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Iran Unrest: 'तुरंत ईरान छोड़ दें सभी भारतीय'; अब तक 2500 से ज्यादा की मौत; विदेश मंत्रालय ने की एडवाइजरी जारी

ईरान में जारी हिंसा के बीच भारत सरकार ने वहां रहने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें भारतीय विदेश मंत्रालय ने सभी भारतीयों से तुरंत ईरान छोड़ देने को कहा है।

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ईरान में तनाव के बीच भारत ने जारी की एडवाइजरी।

ईरान में हिंसक प्रदर्शन जारी हैं, जो कि और भी उग्र होने की आशंका है। इस बीच, ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख ने संकेत दिया कि देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में हिरासत में लिए गए लोगों के लिए त्वरित सुनवाई और फांसी की सजा होगी। इस बयान के बाद वहां हालात और बिगड़ सकते हैं। ईरान मे जारी घटनाक्रम को देखते हुए भारत ने वहां रहने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने ईरान में रह रहे भारतीयों से तुरंत ईरान को छोड़ने की सलाह दी है। साथ ही कहा है कि सभी लोग ईरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें। बता दें कि भारत ने इससे पहले पांच जनवरी को भी ईरान में भारतीयों के लिए एक सलाह जारी की थी।

भारत की ताजा एडवाइजरी में क्या?

भारत सरकार ने ईरान में उत्पन्न हो रही स्थिति को देखते हुए, वहां मौजूद भारतीय नागरिकों (छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों) को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है। इसमें कहा गया है कि वाणिज्यिक उड़ानों सहित जो भी परिवहन साधन उपलब्ध हों, उनका उपयोग करके ईरान छोड़ दें। साथ ही विदेश मंत्रालय ने सभी भारतीय नागरिकों और व्यक्तिगत पहचानकर्ताओं से उचित सावधानी बरतने, विरोध प्रदर्शनों वाले क्षेत्रों में जाने से बचने और ईरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने को कहा है। साथ ही कहा है कि वे स्थानीय मीडिया पर किसी भी घटनाक्रम के लिए नजर रखें। एडवाइजरी में विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे अपने यात्रा और आव्रजन दस्तावेजों, जिनमें पासपोर्ट और पहचान पत्र शामिल हैं, को अपने पास तैयार रखें। इस संबंध में किसी भी सहायता के लिए वे भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं।

प्रधान न्यायाधीश गुलामहुसैन मोहसेनी के बयान के बाद भड़क सकती है और हिंसा

ईरान के उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई ने मंगलवार को एक वीडियो में मुकदमे चलाये जाने और फांसी की सजा के बारे में टिप्पणी की। ईरान के प्रधान न्यायाधीश एजेई ने कहा कि अगर हमें कोई काम करना है, तो हमें उसे अभी करना चाहिए। अगर हम कुछ करना चाहते हैं, तो हमें उसे जल्दी करना होगा। अगर इसमें दो महीने या तीन महीने की देरी होती है तो इसका उतना असर नहीं पड़ेगा। अगर हम कुछ करना चाहते हैं, तो हमें उसे तुरंत करना होगा।

अब तक 2,571 लोगों की मौत की खबर

इस बीच, अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ ने बताया कि बुधवार सुबह तक मृतकों की संख्या बढ़कर 2,571 हो गई थी। यह आंकड़ा दशकों में ईरान में हुए किसी भी विरोध प्रदर्शन या अशांति में हुई मौतों की संख्या से कहीं अधिक है और देश की 1979 की इस्लामी क्रांति के दौरान फैली अराजकता की याद दिलाता है। मृतकों की संख्या की जानकारी मिलने के बाद, ट्रंप ने ईरान के नेताओं को चेतावनी दी कि वह किसी भी प्रकार की बातचीत समाप्त कर रहे हैं। साथ ही कहा है कि मृत्युदंड दिये जाने की स्थिति में वह बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे।

पाकिस्तानी भी लौट रहे घर

पाकिस्तान के एक आव्रजन अधिकारी ने बुधवार को बताया कि ईरान में अध्ययन कर रहे दर्जनों पाकिस्तानी छात्र दक्षिण-पश्चिमी सीमा के एक दूरस्थ रास्ते से अपने घर लौट आए हैं। क्वेटा शहर में संघीय जांच एजेंसी की प्रवक्ता समीना रायसानी ने बताया कि मंगलवार को लगभग 60 छात्र वैध यात्रा दस्तावेजों के साथ बलूचिस्तान प्रांत के गबद सीमा से पाकिस्तान में दाखिल हुए। उन्होंने कहा कि बाद में, बुधवार को उसी रास्ते से और भी छात्रों के लौटने की उम्मीद है। ईरान में पाकिस्तान के राजदूत मुदस्सिर टिपू ने मंगलवार को कहा था कि ईरानी विश्वविद्यालयों ने परीक्षाओं का कार्यक्रम बदल दिया है और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को देश छोड़ने की अनुमति दे दी है।

कैसे शुरू हुआ था विरोध

ईरान में हालिया प्रदर्शन 28 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ था, जब तेज महंगाई, खाद्य और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में उछाल और रियाल के रिकॉर्ड स्तर तक गिरने से जनता का धैर्य टूट गया। शुरुआती प्रदर्शन बाजारों और व्यावसायिक इलाकों में व्यापारियों ने किया था। उन्होंने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए। जनता इस आंदोलन में तब जुड़ी जब बाजार से खाने का तेल, चिकन जैसी चीजें या तो गायब हो गईं या फिर उनकी कीमते बेहहाशा बढ़ गईं। वहीं, फिर खामेनेई सरकार द्वारा सस्ती डॉलर व्यवस्था को बंद कर देने के फैसले ने इस आग को और भड़का दिया।

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शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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