सीईसी ज्ञानेश कुमार और एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विपक्ष के मार्च ने सुप्रीम कोर्ट की ओर कूच कर दिया है। इससे पहले, राजधानी दिल्ली में इंडिया क्लब की बैठक हुई थी, जिसमें इस आंदोलन की दिशा को लेकर मंथन हुआ। इस बैठक में सभी प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हुए। इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद राहुल गांधी , कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने संविधान क्लब से सुप्रीम कोर्ट की ओर कूच किया। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी समेत अन्य विपक्षी नेता भी शामिल थे।
सामने आया वीडियो
राहुल गांधी प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया से निकलने का एक वीडियो सामने आया है। सभी नेता एक बस द्वारा सुप्रीम कोर्ट की ओर रवाना हुए हैं। बता दें कि विपक्षी गठबंधन ने आज सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का आह्वान किया है। उन्होंने यह भी घोषणा की है कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मामले और एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित अपने आरोपों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे।
वहीं, मार्च से पहले राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि हमारा मार्च शिवजी की बारात की तरह है। हमारे साथ कोई भी व्यक्ति वो चाहे जिस विचारधारा का हो, आ सकता है। हम आज शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल करने जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में विपक्ष की तरफ से तीन पिटीशन होंगी दाखिल
इस बीच सूत्रों ने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट में विपक्ष की तरफ से तीन पिटीशन दाखिल की जाएंगी। ये पिटीशन एडवोकेट प्रसन्ना के वकालत नामे के साथ दाखिल होंगी। इसके साथ ही यह भी सामने आया है कि राहुल गांधी व कांग्रेस नेता याचिका दाखिल करने सुप्रीम कोर्ट परिसर में आ सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात की सहमति दे दी है कि पांच-दस नेता अपने वकीलों के साथ सुप्रीम कोर्ट परिसर में फाइलिंग काउंटर पर याचिका दाखिल कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक,ये काउंटर हाई सिक्योरिटी क्षेत्र के बाहर है जहां लोग बिना पास के जा सकते हैं। CJI सूर्य कांत ने भी इस पर सहमति जताई है।
विपक्षी नेताओं ने दी प्रतिक्रिया
इस बीच, वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंहवी ने भी विपक्ष के मार्च पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बहुत सरल है। कोई विरोध मार्च नहीं है,हम सिद्धांतों के लिए जा रहे हैं। सभी विभिन्न राजनीतिक दल सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे।
ज्ञानेश कुमार कहां छिपे हैं?- प्रियांक खरगे
वहीं,कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि हम बहुत ही जायज सवाल पूछ रहे हैं। फॉर्म 6 को किसने अधिकृत किया? फॉर्म 7 की थोक छपाई किसने की, पहले से छपे हुए फॉर्म किसने दिए?... ज्ञानेश कुमार कहां छिपे हैं? जब एक संवैधानिक निकाय का प्रमुख ही गायब है, तो हमें सवाल पूछने की ज़रूरत है।
