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'अगर प्रियंका बनारस से लड़ती चुनाव तो 3-4 लाख वोट से हारते मोदी', राहुल गांधी का दावा; क्या इस बयान से उखड़ेंगे अजय राय?

Rahul Gandhi on UP Voters: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि यूपी की जनता ने नफरत, हिंसा के खिलाफ वोट दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से किसी तरह जीते हैं। अगर वहां से प्रियंका लड़ जाती तो प्रधानमंत्री तीन-चार लाख वोटों से हारते। उन्होंने इस दौरान अयोध्या में भाजपा की हार का भी जिक्र किया।

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राहुल गांधी ने ये क्या कह दिया?

Photo : Times Now Digital

UP Politics: कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा मंगलवार को लोकसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद जनता का आभार जताने रायबरेली पहुंचे। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में जनता ने हिंसा, झूठ और अहंकार के खिलाफ वोट किया है। भाजपा के लोग संविधान को बदलने की बात कर रहे थे पर जनता ने उन्हें संविधान को माथे से लगाने के लिए मजबूर कर दिया। जनता ने बता दिया कि वो नफरत के खिलाफ है, बेरोजगारी के खिलाफ है। रायबरेली की जनता ने इस बदलाव की शुरुआत की है।

'..तो तीन-चार लाख वोटों से हारते प्रधानमंत्री मोदी'

राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा फैजाबाद लोकसभा सीट भी हार गई। अयोध्या की जनता ने संदेश दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से किसी तरह जीते हैं। अगर वहां से प्रियंका लड़ जाती तो प्रधानमंत्री तीन-चार लाख वोटों से हारते। देश की जनता ने भाजपा को संदेश दिया कि ये मोहब्बत का देश है।

क्या राहुल के इस बयान से अजय राय होंगे नाराज?

राहुल गांधी का ये दावा कई मायनो में बेहद अजीब है। एक तरफ अजय राय पूरे चुनाव में ये दावा करते रहे कि ये लड़ाई गुजराती या बाहरी बनाम बनारसी की है। दूसरी ओर राहुल गांधी के इस बयान का ये मायने है कि अजय राय मोदी से नहीं जीत पाए, वो सही लड़ाई नहीं लड़ पाए। यदि उनकी बहन प्रियंका गांधी मैदान में होती तो मोदी हार जाते, अजय राय ने उन्हें सिर्फ टक्कर दे पाई। तो क्या अब यूपी कांग्रेस अध्यक्ष को राहुल की ये बात चुभने वाली है?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आगे कहा कि जब राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी तो किसी गरीब को, किसी आदिवासी को नहीं बुलाया गया था। सिनेमा के लोग आए थे, उद्योगपति मौजूद थे, पर किसी गरीब आदिवासी को नहीं बुलाया गया। अयोध्या में भाजपा को हराकर जनता ने संदेश दिया है।

कांग्रेस नेता ने यूपी की जनता के लिए कही ये बड़ी बातें

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि रायबरेली और अमेठी लोकसभा सीट पर जीत कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत का नतीजा है। इस जीत से साबित हो गया कि प्रदेश और देश के लोग साफ-सुथरी राजनीति चाहते हैं। ये सब आप कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत का परिणाम है। राहुल गांधी रायबरेली के सांसद हैं। आप सभी को बहुत बधाई।

प्रियंका ने आगे कहा कि आप सबने कठिन परिस्थितियों में लड़ाई लड़ी। किशोरी लाल को कमी महसूस नहीं होने दी। दोनों जिलों के जिलाध्यक्ष को बहुत-बहुत धन्यवाद। समाजवादी पार्टी के मंच पर बैठे साथी और कार्यकर्ताओं को मिलाकर हमने सेना बनाई और हमने दोनों जिले जीते। पूरा देश आप की तरफ देख रहा है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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