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होली और जुमे को लेकर बिहार में सियासत, अब दरभंगा की मेयर बोलीं- 2 घंटे रोकी जाए होली

बिहार के दरभंगा की मेयर ने आने वाली होली से पहले एक नया बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि जुम्मा का समय नहीं बढ़ाया जा सकता, इसलिए होली पर दो घंटे का ब्रेक होना चाहिए।

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'जुम्मा का समय नहीं बढ़ाया जा सकता, लोग 2 घंटे होली न मनाएं': दरभंगा मेयर

Photo : Twitter

Darbhanga News: दरभंगा मेयर ने 14 मार्च को आने वाली होली से पहले एक नया बयान जारी किया है जो रमज़ान के महीने में होने वाली शुक्रवार की नमाज़ के साथ मेल खाता है। बयान में, दरभंगा मेयर अंजुम आरा ने शहरवासियों से 12:30 से 2:00 बजे तक होली न मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जुम्मा का समय नहीं बढ़ाया जा सकता, इसलिए होली पर दो घंटे का ब्रेक होना चाहिए। मेयर ने आग्रह किया कि होली खेलने वालों को मस्जिदों और प्रार्थना स्थलों से दो घंटे की दूरी बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि होली और रमज़ान पहले भी कई बार मनाए गए हैं और जिले में शांतिपूर्वक मनाए गए हैं। जिला प्रशासन ने शांति समिति की बैठक के बाद यह बयान दिया।

संभल में भी होली और जुम्मे को लेकर सख्त निर्देश

हाल ही में, संभल के सर्किल ऑफिसर (सीओ) अनुज कुमार चौधरी ने 7 मार्च को कहा था कि जो लोग रंगों से असहज हैं, उन्हें घर के अंदर रहना चाहिए क्योंकि हिंदू त्योहार साल में एक बार आता है। शुक्रवार को आने वाले होली के त्यौहार के मद्देनजर मंगलवार को संभल कोतवाली पुलिस स्टेशन में शांति समिति की बैठक हुई थी। संभल के सर्किल ऑफिसर (सीओ) चौधरी ने कहा था कि चूंकि होली साल में एक बार आती है और साल में 52 जुम्मा (शुक्रवार) होते हैं, इसलिए मुस्लिम समुदाय के लोगों से अनुरोध किया गया है कि अगर वे रंग लगाना बर्दाश्त नहीं कर सकते तो वे घर के अंदर रहें। बैठक के बाद चौधरी ने संवाददाताओं से कहा था कि हमने मुस्लिम समुदाय से अनुरोध किया है कि अगर उन्हें रंग लगाना पसंद नहीं है, तो उन्हें उस जगह नहीं आना चाहिए जहां होली मनाई जा रही है। साल में 52 जुम्मा (शुक्रवार) होते हैं, लेकिन होली के लिए केवल एक दिन होता है। हिंदू पूरे साल होली का इंतजार करते हैं, जैसे मुसलमान ईद का इंतजार करते हैं... हमने सीधा संदेश दिया है कि जब लोग होली खेलें , और अगर वे (मुस्लिम) नहीं चाहते कि उन पर रंग पड़ें, तो उन्हें घर पर रहना चाहिए। और अगर वे अपना घर छोड़ना चाहते हैं, तो उन्हें इतना बड़ा दिल रखना चाहिए कि अगर उन पर रंग पड़ जाए तो वे आपत्ति न करें।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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