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हरियाणा में हार के बाद कांग्रेस में इस्तीफे का दौर शुरू, इस बड़े नेता ने की पहली पेशकश

Deepak Babaria Resign: कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी दीपक बाबरिया ने कहा कि पिछले हफ्ते हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद उन्होंने आलाकमान को अपने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन इस मामले पर उन्हें किसी निर्णय के बारे में नहीं बताया गया है।

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दीपक बाबरिया ने की इस्तीफे की पेशकश।

Photo : PTI

Deepak Babaria Resign: हरियाणा के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद इस्तीफे का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी दीपक बाबरिया ने इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने सोमवार को बताया कि विधानसभा चुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की है। बाबरिया ने कहा कि पिछले हफ्ते हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद उन्होंने आलाकमान को अपने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन इस मामले पर उन्हें किसी निर्णय के बारे में नहीं बताया गया है।

दीपक बाबरिया ने कहा, पिछले सप्ताह नतीजों के बाद मैंने इस्तीफे की पेशकश की। मैंने आलाकमान से कहा कि आप मेरी जगह किसी और को जिम्मेदारी दे सकते हैं। मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है और नतीजों के मद्देनजर यह मेरी नैतिक जिम्मेदारी भी है। इसके मद्देनजर, मैंने आलाकमान से कहा था कि यदि आप उचित समझें, तो आप मेरी जगह किसी और को जिम्मेदारी दे सकते हैं। बाबरिया ने कहा, लोकसभा चुनाव के बाद भी मैंने दिल्ली के प्रभारी पद से इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसी तरह, हरियाणा के लिए भी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

कांग्रेस ने गठित की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी

कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने गत गुरुवार को हरियाणा विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार पर एक समीक्षा बैठक की और एक फैक्ट फाइंडिंग टीम बनाने का फैसला किया, जो हार के कारणों का पता लगाने के लिए पार्टी के सभी उम्मीदवारों से चर्चा करेगी। सूत्रों ने कहा कि बैठक के दौरान नेताओं ने हरियाणा में अप्रत्याशित परिणामों के संभावित कारणों पर चर्चा की और नतीजों के कारणों का पता लगाने के लिए टीम गठित करने का निर्णय लिया तथा साथ ही ईवीएम में विसंगतियों की शिकायतों पर भी गौर किया, जैसा कि पार्टी उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी, पार्टी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, चुनाव के लिए पार्टी के वरिष्ठ पर्यवेक्षक अशोक गहलोत और अजय माकन के साथ-साथ राज्य के लिए एआईसीसी सचिवों ने समीक्षा बैठक में भाग लिया। हरियाणा के लिए पार्टी प्रभारी बाबरिया बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए।

भाजपा ने जीती थीं 4 सीटें

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 48 सीट जीतकर लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की। इसने विभिन्न एग्जिट पोल को भी गलत साबित कर दिया, जिनमें हरियाणा में कांग्रेस की आसान जीत की बात कही गई थी। कांग्रेस के खाते में 37 सीट आईं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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