देश

जनरल नरवणे ने लिखी नई किताब, थरूर से ली प्रेरणा, सेना से जुड़े एक से बढ़कर एक किस्से

Naravane New Book: उन्होंने अपनी पुस्तक 'द क्यूरियस एंड द क्लासिफाइड: अनअर्थिंग मिलिट्री मिथ्स एंड मिस्ट्रीज' में भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना से जुड़ी किंवदंतियों और रहस्यों के कुछ बेहद रोचक पहलुओं का जिक्र किया है।

Image

जनरल नरवणे की नई किताब

Photo : PTI

Gen Naravane New Book: पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे की दो साल पहले एक मित्र के घर पर कांग्रेस नेता शशि थरूर की किताब 'अ वंडरलैंड ऑफ वर्ड्स' पर नजर पड़ी और उसी क्षण उन्हें अपनी नई किताब लिखने का विचार आया- जो अब 'द क्यूरियस एंड द क्लासिफाइड: अनअर्थिंग मिलिट्री मिथ्स एंड मिस्ट्रीज' के रूप में दुनिया के सामने आने वाली है। जनरल नरवणे की यह पुस्तक भारतीय सशस्त्र बलों के अनदेखे, विचित्र और बेहद मनोरंजक पहलुओं की जीवंत पड़ताल करती है।

'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर चर्चा में रहे नरवणे

जनरल नरवणे अपने अप्रकाशित विवादास्पद संस्मरण 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर हाल में खबरों में रहे थे। उन्होंने अपनी पुस्तक 'द क्यूरियस एंड द क्लासिफाइड: अनअर्थिंग मिलिट्री मिथ्स एंड मिस्ट्रीज' में भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना से जुड़ी किंवदंतियों और रहस्यों के कुछ बेहद रोचक पहलुओं का जिक्र किया है। पुस्तक की प्रस्तावना में उन्होंने लिखा कि किस तरह वह थरूर की पुस्तक से प्रभावित हुए थे, जो अंग्रेजी भाषा की विशिष्टताओं पर केंद्रित निबंधों का संग्रह है। दिसंबर 2019 से अप्रैल 2022 तक 28वें सेना प्रमुख के रूप में सेवाएं देने वाले जनरल नरवणे ने कहा, अगर अंग्रेजी भाषा की विचित्रताओं और विशिष्टताओं पर इतनी रोचक पुस्तक लिखी जा सकती है, तो भारतीय सेना पर भी ऐसी ही एक किताब क्यों नहीं हो सकती।

'चक दे फट्टे' की उत्पत्ति कैसे हुई?

उन्होंने लिखा, इस विचार का बीज मेरे मन में उसी दिन पड़ गया था जब मैंने उस किताब को देखा था, लेकिन मैंने इस पर गंभीरता से सोचना 2025 के मध्य में शुरू किया…। पुस्तक को रूपा प्रकाशन ने प्रकाशित किया है, जिसमें जनरल नरवणे कई रोचक किस्से साझा करते हैं - जैसे कि लोकप्रिय उद्घोष 'चक दे फट्टे' की उत्पत्ति 17वीं और 18वीं शताब्दी की सिख सेना से जुड़ी है, या फिर थिरकने वाले गीत 'बदलूराम का बदन' की प्रेरणा कहां से आई। बदलूराम 1944 में कोहिमा के निर्णायक युद्ध में शहीद हो गए थे।

आईएनएस खुकरी की गाथा?

प्रकाशकों ने एक बयान में कहा, चाहे वह बाबा हरभजन सिंह की अटूट भावना की कहानी हो, आईएनएस खुकरी की गाथा हो, वायु सैनिकों के असाधारण किस्से और उनके कॉल साइन हों, या फिर सैन्य खच्चर पेडोंगी का साहस-आपको यह सब और बहुत कुछ इस बेहद मनोरंजक, फिर भी गहन शोध पर आधारित पुस्तक में मिलेगा, जो हमारी सशस्त्र सेनाओं के अब तक नहीं खोजे गए, विचित्र और कई बार बेहद हास्यपूर्ण पहलुओं की पड़ताल करती है।

जनरल नरवणे की पुस्तक 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' की अनधिकृत प्रतियों के प्रसार की खबरों के बीच, प्रकाशक पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने फरवरी में कहा था कि इस संस्मरण के प्रकाशन के विशेषाधिकार उसी के पास हैं और स्पष्ट किया था कि यह किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। जनरल नरवणे ने भी यह स्पष्ट किया था कि इस पुस्तक की कोई भी प्रति प्रिंट या डिजिटल रूप में न तो प्रकाशित की गई है, न वितरित की गई है, न बेची गई है और न ही किसी अन्य तरीके से जनता के लिए उपलब्ध कराई गई है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!