Vote Theft Row: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को विपक्षी दलों के 'वोट चोरी' के आरोपों को निराधार करार दिया। साथ ही लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया कि यदि हलफनामा नहीं दिया गया तो दावों को निराधार और अमान्य माना जाएगा। हमारे मतदाताओं को जो भी फर्जी बता रहा है, उन्हें माफी मांगनी होगी।
उन्होंने कहा कि संज्ञीन विषय पर चुनाव आयोग को बिना हलफनामे के काम नहीं करना चाहिए। यह संविधान और कानून दोनों के विरुद्ध होगा... उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में 60 फीसदी से ज्यादा वोटिंग होती है... भारत दुनिया का सबसे बड़ा जनतंत्र है। दुनिया की सबसे बड़ी मतदाता सूची हमारे पास है, लगभग 90-100 करोड़ के बीच।
राहुल गांधी को EC का अल्टीमेटम
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सात दिनों के अंदर हलफनामा नहीं मिला तो सारे आरोप निराधार हैं और हमारे मतदाताओं को फर्जी कहने वाले को माफी मांगनी होगी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मतदाता सूची बनी और समय रहते जब ड्राफ्ट सूची थी तो दावे और आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई गई? जब रिजल्ट निकल आया तब याद आया कि यह गलत था। उन्होंने कहा कि एक भी मतदाता का नाम सबूत के साथ आजतक महाराष्ट्र के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर को नहीं मिला, जबकि चुनाव हुए 8 माह हो चुके हैं।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिना किसी सबूत के किसी भी मतदाता का नाम वोटिंग लिस्ट से नहीं हटाया जाएगा; चुनाव आयोग हर मतदाता के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दोहरे मतदान और 'वोट चोरी' के आरोपों को निराधार करार दिया तथा कहा कि सभी हितधारक पारदर्शी तरीके से एसआईआर को सफल बनाने के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यह गंभीर चिंता का विषय है कि कुछ दल और उनके नेता बिहार में एसआईआर के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं। चुनाव आयोग सभी राजनीतिक दलों से बिहार में मसौदा मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने का आग्रह करता है... अभी 15 दिन बाकी हैं।’’
