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'गांव से बड़ा फैसला लेकर लौटेंगे एकनाथ शिंदे...', महाराष्ट्र CM पर सस्पेंस के बीच शिवसेना नेता का बड़ा दावा

Maharashtra CM Suspense: संजय शिरसाट ने कहा, जब भी कोई राजनीतिक पेंच आता है और एकनाथ शिंदे को सोचने के लिए समय चाहिए होता है, तो वह दरयागांव को प्राथमिकता देते हैं। वहां जाने के बाद न उनका मोबाइल लगता है और न ही उनसे कोई संपर्क हो पाता है।

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एकनाथ शिंदे।

Maharashtra CM Suspense: महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री को लेकर जारी सस्पेंस के बीच एकनाथ शिंदे अचानक अपने पैतृक गांव रवाना हो गए। इसके चलते मुंबई में शुक्रवार शाम होने वाली बैठक टल गई और नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान भी न हो सका। इस बीच शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि एकनाथ शिंदे जब भी अपने गांव जाते हैं, बड़ा फैसला लेकर वापस लौटते हैं। बता दें, एकनाथ शिंदे शुक्रवार को सतारा जिले स्थित अपने गांव दरयागांव रवाना हुए थे।

संजय शिरसाट ने कहा, अगले 24 घंटों में एकनाथ शिंदे किसी बड़े राजनीतिक फैसले को लेकर वापस लौटेंगे। इस दौरान उन्होंने दावा किया किया शिंदे केंद्रीय कैबिनेट में कोई पद नहीं लेंगे, क्योंकि उनकी रुचि महाराष्ट्र की राजनीति में है।

बड़ा फैसला लेने से पहले जाते हैं गांव

संजय शिरसाट ने कहा, जब भी कोई राजनीतिक पेंच आता है और एकनाथ शिंदे को सोचने के लिए समय चाहिए होता है, तो वह दरयागांव को प्राथमिकता देते हैं। वहां जाने के बाद न उनका मोबाइल लगता है और न ही उनसे कोई संपर्क हो पाता है। शांति से विचार करने के बाद वह बड़ा निर्णय लेकर वापस लौटते हैं। शिरसाट ने दावा किया कि शनिवार शाम तक एकनाथ शिंदे किसी बड़े फैसले की घोषणा कर सकते हैं।

दिल्ली में की थी अमित शाह से मुलाकात

बता दें, इससे पहले एकनाथ शिंदे ने महायुति के अन्य नेताओं के साथ दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह व जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। इस बैठक के बाद देर रात ही महायुति के तीनों नेता मुंबई लौट आए थे। एकनाथ शिंदे ने इस बैठक को सकारात्मक बताते हुए कहा था कि शुक्रवार को मुंबई में होने वाली बैठक में नए मुख्यमंत्री का नाम चुन लिया जाएगा। हालांकि, एकनाथ शिंद के पैतृक गांव रवाना होने के कारण यह बैठक हो रही नहीं सकी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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