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Delhi Fire: 'भाई, शायद हम बच न पाएं'...पीड़ित के आखिरी शब्द, एक ही परिवार के 8 लोग जिंदा जल गए

पुनीत गुप्ता ने विवेक की आखिरी बातचीत को याद करते हुए बताया कि गुरुग्राम के सेक्टर-46 में रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक ने आग लगने के दौरान उन्हें फोन किया था।

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दिल्ली होटल आग की दर्दनाक कहानियां

Photo : PTI

CA family perish in Delhi Fire: दिल्ली में मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में लगी भीषण आग में विवेक अग्रवाल की मौत से पहले उनके आखिरी शब्द थे, "भाई, शायद हम बच न पाएं।" उनके रिश्तेदार पुनीत गुप्ता ने यह जानकारी दी। बुधवार को हुई इस घटना में गुप्ता ने अपने परिवार के आठ सदस्यों को खो दिया, जबकि कुल 21 लोगों की जान चली गई। पुनीत गुप्ता ने विवेक की आखिरी बातचीत को याद करते हुए बताया कि गुरुग्राम के सेक्टर-46 में रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक ने आग लगने के दौरान उन्हें फोन किया था।

सभी की मौत हो चुकी थी

उन्होंने कहा, मैंने उनसे कहा कि वे एक रुमाल गीला करके अपना चेहरा ढक लें, लेकिन उससे भी कोई फायदा नहीं हुआ। अब वे चले गए हैं। उन्होंने आगे बताया, हम तुरंत वहां पहुंचे, लेकिन जब तक हम पहुंचे, तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। विवेक अग्रवाल के परिवार के आठ सदस्य उनके पिता राधे श्याम अग्रवाल से मिलने दिल्ली आए थे, जिनका कई दिनों से साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में इलाज चल रहा था।

फ्लोरिश स्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट में दो कमरे बुक किए थे

रिश्तेदारों के अनुसार, विवेक ने फ्लोरिश स्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट में दो कमरे बुक किए थे, जहां आग लगी थी। मृतकों में विवेक अग्रवाल (48), उनकी पत्नी तरजिनी अग्रवाल (47), माता प्रेम लता अग्रवाल, बेटियां जीविसा और वारिया अग्रवाल, मामा-मामी अशोक और कमला गोयल (राजस्थान के किशनगढ़ निवासी) और एक अन्य रिश्तेदार झुमरी लाल गोयल शामिल हैं। एक रिश्तेदार ने बताया कि पीड़ितों में सबसे छोटी जीविसा एक दिन पहले अपने दादा से मिलने बेंगलुरु से लौटी थी।

रास्ता संकरा और भीड़भाड़ वाला था

रिश्तेदारों ने घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हालांकि घटनास्थल मुख्य सड़क पर स्थित था, लेकिन वहां तक पहुंचने का रास्ता संकरा और भीड़भाड़ वाली गलियों से होकर जाता था और वहां आग से बचाव के लिए उचित व्यवस्था नहीं थी। गुप्ता ने कहा, गलियां बेहद संकरी हैं और आग से बचने के लिए कोई उचित निकास व्यवस्था नहीं थी। हमें अभी तक आग लगने का कारण नहीं पता चला है।

सपने में भी ऐसी घटना की कल्पना नहीं की थी

एक अन्य रिश्तेदार ने बताया कि चचेरे भाई का फोन आने के बाद वे तुरंत साकेत स्थित मैक्स अस्पताल पहुंचे और उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी ऐसी घटना की कल्पना भी नहीं की थी। तस्वीरों को देखकर हम उन्हें पहचान नहीं पा रहे हैं। सभी बुरी तरह झुलस गए हैं। परिवार के आठ सदस्यों की मौत के बाद विवेक के बीमार पिता राधे श्याम अग्रवाल ही परिवार में एकमात्र जीवित सदस्य बचे हैं।

होटल मालिक लवकेश बजाज गिरफ्तार

दिल्ली के मालवीय नगर में होटल में हुए भीषण अग्निकांड में पुलिस ने बुधवार को होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ लगातार जारी है। इस दौरान उसने दावा किया कि होटल का संचालन कोई और व्यक्ति संभाल रहा था। उसने यह भी स्वीकार किया है कि बिल्डिंग में आग से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम नहीं थे। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 12 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। कई घायल लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। पूछताछ में बजाज ने कई खुलासे किए हैं।

हादसा होते ही मौके से फरार हो गया था बजाज

दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, होटल मालिक आरोपी लवकेश बजाज हादसा होते ही मौके से फरार हो गया था। वह डर की वजह से मौके से भाग गया था। वह अपने घर भी नही गया और सड़कों पर घूमता रहा। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने तीन साल पहले अहुलवालिया नाम की एक पार्टी से ये बिल्डिंग ली थी और उसमें होटल कम गेस्ट हाउस चला रहा था। पहले यहां खादी की शॉप भी थी।

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Amit Mandal
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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